गाजियाबाद में 7 दिन से लापता भाई-बहन की लाश नहर में मिलने से सनसनी
गाजियाबाद। बीते 18 फरवरी को गाजियाबाद के लोनी से लापता हुए 2 बच्चों का शव रविवार सुबह बेहटा नहर में मिलने से सनसनी फैल गई है। शव मिलने के बाद कॉलोनी के लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और शव रखकर दिल्ली-सहारनपुर रोड पर डेढ़ घंटे तक जाम लगाए रखा। बाद में लोनी विधायक और अफसरों के समझाने पर प्रदर्शनकारी वहां से हटे। पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि परिजनों ने अभी किसी पर हत्या का शक नहीं जताया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, जवाहर नगर कॉलोनी में राजू अपने परिवार के साथ रहते हैं। 18 फरवरी को दोपहर मे उनकी बेटी लक्ष्मी (5 साल) व बेटा सौरभ (6 साल) घर के बाहर खेल रहे थे। खेलते-खेलते अचानक वे लापता हो गए। काफी देर बाद भी जब वे घर नहीं पहुंचे तो राजू, उनकी पत्नी गुड्डी व पिता पवन ने बच्चों को ढूंढना शुरू किया, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद शाम को उन्होंने लोनी बॉर्डर थाने में बच्चों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस व परिवार बच्चे की तलाश लगातार कर रही थी। इसी बीच रविवार सुबह लोगों ने बेहटा नहर में दो बच्चों के शव उतराने की जानकारी दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को बाहर निकाला।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए संगीन आरोप
मृतक बच्चों के पिता राजू का आरोप है कि मासूमों के घर के बाहर से गायब होने की सूचना दिए जाने के बाद भी पुलिस ने बच्चों को तलाशने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पुलिस ने बच्चों को तलाशने के बजाए उल्टे उनसे व छोटे भाई दीपक के साथ मारपीट की। यदि समय रहते पुलिस कर्मियों ने मासूमों की तलाश कर ली होती तो उनके घर का चिराग नहीं बुझता।
एसपी देहात नीरज कुमार जादौन का कहना है कि बच्चों की गुमुशदगी 18 फरवरी को ही दर्ज कर ली गई थी। पुलिस बच्चों की तलाश में थी। संभवत: खेलने के दौरान बच्चे नहर में गिर गए। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधायक के भरोसे के बाद शांत हुए लोग
आक्रोशित लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और वे बच्चों के शवों को लेकर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पंहुच गए। जहां उन्होंने शव सड़क पर रख कर रोड जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जाम लगने की सूचना मिलने पर सीओ लोनी राजकुमार पाण्डेय और उपजिलाधिकारी आदित्य कुमार प्रजापति मौके पर पंहुचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। मौके पर पंहुचे विधायक नंद किशोर ने प्रदर्शनकारियों को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया तब जाकर नाराज लोग शांत हुए और जाम खोला।












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