11 में से 9 सीटें जीतकर राज्यसभा में और मजबूत हुई बीजेपी, जानिए कांग्रेस की स्थिति
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AIADMK जैसे दलों का समर्थन
राज्यसभा में पूर्ण बहुमत यानी 123 के आंकड़े से बीजेपी 31 सीटें दूर है, लेकिन सहयोगी दलों को साथ लेकर बीजेपी की ताकत राज्यसभा में बढ़ जाती है। मौजूदा वक्त में जेडीयू के पांच और रामदास अठावले की पार्टी के एक संसाद को मिला लें, तो एनडीए की राज्यसभा में 98 सीटें हो जाती हैं। वहीं अगर 9 सांसदों वाली AIADMK और पूर्वोत्तर के कुछ दलों को जोड़ लें, जो मोदी सरकार का समर्थन करते हैं, तो ये आंकड़ा 110 के पार चला जाता है। वहीं हाल ही में कर्नाटक से राज्यसभा सांसद अशोक गस्ती की मौत हो गई थी। इस सीट पर चुनाव आयोग ने चुनाव का ऐलान कर दिया है, जोकि दिसंबर में होगा। बीजेपी विधायकों की संख्या कर्नाटक में पर्याप्त है, ऐसे में इस सीट पर उसकी जीत पक्की मानी जा रही है। जिस वजह से शीतकालीन सत्र से पहले बीजेपी का राज्यसभा में आंकड़ा 93 हो जाएगा।

इन दलों का मिलता है साथ
वहीं जब भी कोई महत्वपूर्ण बिल राज्यसभा में पास होना रहता है, तो बीजू जनता दल (9 सदस्य), YSR कांग्रेस (6 सदस्य) और तेलंगाना राष्ट्र समिति (7 सदस्य) एनडीए का साथ देती हैं। हालांकि इस बार जब कृषि विधेयक की बात आई थी, तो TRS ने विपक्ष का साथ दिया था। वहीं शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल एनडीए का साथ छोड़ चुकी है, जिस वजह से 3 राज्यसभा में एनडीए के तीन सांसद कम हो गए। वहीं बिहार में दो सीटें पर चुनाव होने हैं, जिसमें एक अभी रामविलास पासवान के निधन की वजह से खाली हुई।

किन-किन को मिली जीत?
यूपी में बीजेपी की ओर से हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, पूर्व डीजीपी बृजलाल, नीरज शेखर, हरिद्वार दुबे, गीता शाक्य, बीएल शर्मा और सीमा द्विवेदी राज्यसभा के लिए चुने गए। वहीं समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव और मायावती की बीएसपी से रामजी गौतम राज्यसभा सांसद बने।












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