महाराष्ट्र में अकेले चुनावी मैदान में जाने की तैयारी में भाजपा, शाह ने दिया जीत का मंत्र
नई दिल्ली। संसद में जिस तरह से अविश्वास प्रस्ताव के दौरान शिवसेना ने भाजपा का समर्थन देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकाउट किया उसके बाद भाजपा महाराष्ट्र में अब अकेले ही चुनाव के मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने हमे साफ तौर पर बता दिया है कि अकेले चुनाव की तैयारी करिए। शाह ने साफ तौर पर कहा है कि लोकसभा की सभी 48 सीटों और विधानसभा की सभी 288 सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ने की तैयारी करिए। शाह ने यह बात रविवार को मुंबई में पार्टी के नेताओं से हुई बैठक के दौरान कही है।

संगठन मजबूत करने पर जोर
पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि यह बैठक चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए की गई थी, साथ ही इस दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे महाराष्ट्र में संगठन को मजबूत किया जाए। इस दौरान जो सबसे अहम चर्चा का विषय रहा वह यह कि सभी 48 लोकसभा और 288 विधानसभा सीटों पर पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की बात कही गई है। आपको बता दें कि 2014 में भाजपा ने 23 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि 123 विधानसभा सीटों पर पार्टी ने अपनी जीत का परचम लहराया था।

ये है योजना
पार्टी इस बात पर अपना पूरा जोर लगा रही है कि जो सीटें उसने पहले जीत रखी है उसपर वह फिर से जीत दर्ज करे और इसके अतिरिक्त भी सीटों पर जीत दर्ज करे। भाजपा शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गणित को बिगाड़ने की योजना बना रही है। बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया है कि चुनाव की जिम्मेदारी किसी बहुत ही सक्षम व्यक्ति के हाथों में दी जाएगी, जिसपर इस बात की जिम्मेदारी होगी कि कैसे वह 48 सीटों पर पार्टी का विस्तार करता है।

विस्तारकों की भूमिका अहम
पार्टी ने इस काम के लिए चुनिंदा नेताओं के चयन का लक्ष्य रखा है जिन्हें विस्तारक के नाम से जाना जाएगा, यही फॉर्मूला सभी 288 विधानसभा सीटों पर भी लागू किया जाएगा। हालांकि भाजपा चुनाव से पहले अन्य दलों के साथ गठबंधन के सभी विकल्प खुले रखना चाहती है। तमाम पार्टी नेताओं को इस बात की जानकारी दी गई है कि अगर चुनाव से पहले गठबंधन नहीं होता है तो अकेले चुनाव की तैयारी में जुट जाए। भाजपा सहयोगी शिवसेना ने पहले ही कहा है कि वह इस बार अकेले चुनाव लड़ेगी।
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