क्या हरियाणा की केसरिया आंधी कर पाएगी खाप पंचायतों का खात्मा?
बैंंगलोर। हरियाणा की सियासत में एक बहुत हू बड़ा बदलाव आ चुका है। कांग्रेस के गढ़ में उसे रौंदते हुए सत्ता सिंहासन हासिल करना भाजपा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन इससे एक बात और साफ होती है कि हरियाणा की जनता अब बदलाव चाहती थी। छुटकारा चाहती थी हरियाणा उन सभी परंपराओं और नियमों से जिन्होंने डर और दहशत के अलावा कभी कुछ नहीं दिया।

खाप पंचायतों का खात्मा करेगी भाजपा?
गौरतलब है कि इस चुनाव में कांग्रेस को खाप पंचायतों का साथ ही डुबा ले गया। कांग्रेस ने निश्चिंत होकर चार बड़े खाप नेताओं पर दांव खेला था। अठगामा खाप, मलिक खाप, कंडेला खाप, ऑल इंडिया खाप महापंचायत, इन सबके ही नेता चुनाव में बुरी तरह से हारे हैं। नतीजों से ये तो साफ है कि हरियाणा में जातिवाद की ये गंदी सियासत अब लोगों को नहीं सहन हो रही।
क्या है खाप पंचायत?
खाप आम तौर गांवो का एक समूह होती है जो सामाजिक प्रशासन की एक कड़ी होती है। पर हरियाणा में सियासत, सत्ता और जाति के रंग में रंग कर ये पंचायतें खूनी- खौफ पंचायतें हो गईं।
देती है तुग़लकी फरमान
इन पंचायतों का फरमान आखिरी फरमान होता है। न उसपर कोई आपत्ति उठा सकता है न उसे न मानने की हिमाकत कर सकता है। यहां की वोट बैंक पॉलिटिक्स के चलते इन पंचायतों का अस्तित्व अब तक कायम है।
सोनिया ने भी साध ली थी चुप्पी
खाप पंचायतों का काला सच उस वक्त खुल कर सामने आ गया जब एक दलित लड़की का गैंगरेप होने के बाद उसे इंसाफ नहीं मिला और उसने आत्महत्या कर ली। मामले को मीडिया में प्राथमिकता से दिखाया गया था। सोनिया गांधी उस लड़की से मिलीं भी पर खाप के आगे कुछ बोलने की हिम्मत उन्होंने भी नहीं की। लड़की की मौत के बाद तो सोनिया ने मुंह बिल्कुल सी लिए थे।
न हो रेप इसलिए लड़कियों की जल्दी करो शादी - खाप
मामले को शांत करने के लिए खाप ने जो फैसला लिया था, वो और दहला देने वाला था। खाप ने फरमान जारी किया कि लड़कियों के साथ रेप न हों इसलिए उनकी जल्दी शादी करानी चाहिए। एक खाप सदस्य ने यह कहने में भी शर्म महसूस नहीं की थी कि लड़कियों का रेप इसलिए होता है कि वो खाली हैं। उनकी शादी करा दी जानी चाहिए।
मनोज - बबली हत्या, कानून का बना दिया मज़ाक
हरियाणा में खाप पंचायतों का खौफ उस वक्त खुलकर सामने आ गया जब मनोज - बबली नाम के एक प्रेमी युगल ने खाप के उस फरमान को मानने से इंकार किया जहां एक ही गोत्र के लोग विवाह नहीं कर सकते। भागकर कोर्ट में शादी करने के बाद इस जोड़े को पुलिस प्रोटेक्शन दी गई लेकिन इनकी कहानी का दर्दनाक अंत इनकी हत्या से हुआ जिसकी गुत्थी सुलझाने के लिए कोर्ट में कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
कांग्रेस के राज में ही रहा है खाप का खौफ
खाप का ये खौफ उस वक्त से है जब राज्य में कांग्रेस की सत्ता थी। ऐसे में क्या राज्य में आई भाजपा की केसरिया आंधी लोगों के बीच से खाप का खौफ उखाड़ फेंकेगी?












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