'रिटेल इंवेस्टर्स ने 3 सप्ताह में गंवाए 15 लाख करोड़ रुपए...,' वरुण गांधी ने सवाल उठाते हुए जताई चिंता
नई दिल्ली, 24 मार्च: पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। वरुण ने इस बार भारत में रिटेल इंवेस्टर्स को हो रहे नुकसान को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने एक आर्टिकल में लिखा है कि रिटेल इंवेस्टर्स बीते 3 सप्ताह में पूरे साल भर की कमाई गंवा चुके हैं। वरुण गांधी ने कहा है कि भारत के रिटेल इंवेस्टर्स कुछ ही सप्ताह में 15 लाख करोड़ रुपए गंवा चुके हैं।

एक अंग्रेजी अखबार के लिए लिखे गए आर्टिकल में भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि रिटेल इंवेस्टर्स को हुए इस नुकसान के तीन मुख्य कारण 'कमॉडिटीज की कीमतों में तेजी, सुस्त होती अर्थव्यवस्था और रूस-यूक्रेन की जंग' हैं। वरुण ने शेयर बाजार में नए जमाने की टेक कंपनियों के बुरे हाल का भी हवाला दिया और कई गंभीर सवाल उठाए। बीते कुछ महीनों के दौरान आईपीओ लाकर बाजार में लिस्ट हुई कुछ कंपनियों का परफॉर्मेंस बेहद निराशाजनक रहा है। इनमें पेटीएम, जोमोटो, नायका, पॉलिसी बाजार जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनमें से कुछ के स्टॉक तो इश्यू प्राइस की तुलना में 75-80 फीसदी तक नीचे आ चुके हैं।
वरुण गांधी ने पेटीएम का किया जिक्र
वरुण गांधी ने आर्टिकल में पेटीएम का जिक्र करते हुए लिखा कि कंपनी को लगातार घाटा हो रहा है और आईपीओ के बाद से लगातार गिरते हुए इसके स्टॉक का भाव ठीक-ठाक नीचे आ चुका है। वरुण ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि ऐसी कंपनियों के प्रमोटर्स इंवेस्टर्स के लिए वैल्यू छोड़ने का दावा करते हैं, जबकि इससे कई कंपनियों की वैल्यू का नुकसान हुआ है। भाजपा सांसद ने आर्टिकल में एनएसई को-लोकेशन स्कैम, एबीजी शिपयार्ड फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, ऐप से लोन आदि का भी जिक्र किया है। वरुण गांधी ने कहा कि सेबी के कहने के बाद भी ज्यादातर कंपनियों ने चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर की पोस्ट अलग नहीं की। इसके बाद सेबी को अपना फैसला वापस लेना पड़ गया। वरुण ने कहा कि 2021 के मई-जून महीने में करीब 50 हजार लोग 150 करोड़ रुपये का नुकसान मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम में उठा चुके हैं। इसी तरह दिसंबर 2020 में लाखों इंवेस्टर्स एग्री गोल्ड फार्म एस्टेट चिट फंड फ्रॉड में 6,300 करोड़ रुपए गंवा चुके हैं।












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