हाथरस पीड़िता के अंतिम संस्कार पर BJP सांसद का बड़ा दावा, 'DM से कहा था दाह संस्कार सुबह करने को लेकिन...'
हाथरस पीड़िता के अंतिम संस्कार पर BJP सांसद का बड़ा खुलासा, 'DM से कहा था दाह संस्कार सुबह करने को लेकिन...'
नई दिल्ली: हाथरस गैंगरेप पीड़िता (Hathras case) के अंतिम संस्कार को लेकर योगी सरकार और उत्तर प्रदेश की पुलिस सवालों के घेरे में है। पीड़िता के परिवार वालों का आरोप है पुलिस ने उन्हे घर में कैद कर जबरन पीड़िता का अंतिम संस्कार किया। वहीं योगी प्रशासन का कहना है कि शव खराब हो रहा था, दाह संस्कार परिवार की मर्जी के बाद हुआ है। इस मामले को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हाथरस से सांसद राजवीर सिंह दिलेर (Rajvir Singh Diler) ने बड़ा खुलासा किया है। द प्रिंट से बात करते हुए राजवीर सिंह दिलेर ने कहा है कि उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट से सुबह दाह संस्कार करने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने नहीं सुना।

'तनाव से बचने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने लिया अंतिम संस्कार करने का फैसला'
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राजवीर सिंह दिलेर के हवाले से एक अक्टूबर को द प्रिंट लिखा, पिछले दो दिनों से, मैं उनके (पीड़िता) गांव में महिला के परिवार के सदस्यों के साथ हूं। दाह संस्कार के दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक मौजूद थे। मैं भी वहां था, लेकिन पुलिस ने झड़प की आशंका के चलते मुझे पुलिस स्टेशन जाने के लिए कह दिया था।
सांसद ने दावा किया, मैंने डीएम को सुबह अंतिम संस्कार करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नहीं सुना। पुलिस ने यह भी नहीं बताया कि वे दाह संस्कार करेंगे।
यह पूछने पर कि रात के मृतका का दाह संस्कार करने का निर्णय किसने लिया? सवाल के जवाब में हाथरस सांसद ने कहा, जिला मजिस्ट्रेट घटनास्थल पर थे और हो सकता है कि उन्होंने आगे तनाव से बचने के लिए यह फैसला लिया हो।

'अगर मैं हाथरस पीड़िता को इंसाफ नहीं दिला पाया तो दूंगा इस्तीफा'
हाथरस सांसद राजवीर सिंह दिलेर ने कहा, उस रात (अंतिम संस्कार वाली रात) वहां समाजवादी पार्टी और बसपा के बहुत से कार्यकर्ता वहां थे, लेकिन मैं मुख्यमंत्री से जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध करूंगा।"
राजवीर सिंह दिलेर ने कहा, "मुझे एक सांसद के रूप में शर्म आती है और मैंने वाल्मीकि समुदाय से कहा है कि अगर मैं उनकी लड़की को न्याय दिलाने में असफल रहा तो मैं लोकसभा से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं।"
Hathras case में अब तक क्या-क्या हुआ?
हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ 14 सितंबर 2020 को कथित तौर पर गैंगरेप हुआ। पुलिस के मुताबिक चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चारों आरोपियों की उम्र 19 से 25 साल के बीच की है। पीड़िता को रीढ़ की हड्डी में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था। उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में उसे रेफर किया गया था, जहां अगले ही दिन 27 सितंबर सुबह चार बजे के आस-पास उसकी मौत हो गई थी।

29 सितंबर की रात 12 बजकर 45 मिनट पर पीड़िता का शव उसके घर पहुंचा। उसी दिन सुबह 3 बजे यानी 30 सितंबर को तड़के पीड़िता का अंतिम संस्कार यूपी पुलिस द्वारा कर दिया गया। परिवान ने आरोप लगाया कि हम अंतिम संस्कार सुबह करना चाहते थे। उनका कहना था कि उनके यहां रात में दाह संस्कार नहीं होता है। लेकिन फिर भी पुलिस ने हमें घर में कैद कर अंतिम संस्कार कर दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें लड़की को आखिरी बार देखने भी नहीं दिया गया। जबकि पुलिस का कहना है कि सबकुछ परिवार की रजामंदी से हुआ। परिवार ने अंतिम संस्कार के बाद आरोप लगाया है कि प्रशासन उनपर दबाव बना रही है। इस बात की भी धमकी दी जा रही है कि केस रफा-दफा कर दिया जाएगा।
इस घटना को लेकर देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। हाथरस में धारा 144 लगा दी गई है। किसी को भी पीड़िता के गांव जाने और पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन कर इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। यूपी सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है। इसे सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।












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