Khagen Murmu Attacked: बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे BJP MP खगेन मुर्मू पर हमला, गाड़ियों के शीशे तोड़े गए
West Bengal Khagen Murmu Attacked: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के नागरकाटा (Nagrakata) इलाके में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे बीजेपी नेताओं पर हमला हो गया।
बताया जा रहा है कि मालदा नॉर्थ से बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू (Khagen Murmu) और सिलीगुड़ी के विधायक डॉ. शंकर घोष (Dr. Shankar Ghosh) बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने पहुंचे थे। राहत कार्य के दौरान कुछ लोगों ने अचानक पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

राहत वितरण के दौरान हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक, बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल जलपाईगुड़ी जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री वितरण कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सांसद खगेन मुर्मू स्थानीय लोगों से बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक भीड़ में से कुछ लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और भगदड़ मच गई। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह हमला साजिश के तहत किया गया, ताकि विपक्ष के नेताओं को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य से रोका जा सके।
घटना के बाद नागरकाटा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। जिला पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "स्थिति अब नियंत्रण में है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि दोबारा किसी तरह की हिंसा न भड़के।"
बीजेपी का आरोप - "सच्चाई उजागर होने से घबराई TMC"
हमले के बाद बीजेपी नेताओं ने कहा, "हम बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पहुंचे थे, लेकिन कुछ लोगों ने राजनीतिक रंजिश में हमला किया। यह साफ दिखाता है कि राज्य सरकार बाढ़ राहत कार्य में नाकाम रही है और अब विपक्ष के राहत प्रयासों को रोकने की कोशिश कर रही है।"
वहीं सिलीगुड़ी के विधायक डॉ. शंकर घोष ने भी बयान दिया कि यह हमला "TMC समर्थकों की साजिश" है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह योजनाबद्ध हिंसा थी ताकि बीजेपी नेताओं को इलाके में प्रवेश करने से रोका जा सके।
बंगाल में बाढ़ का कहर - सैकड़ों गांव प्रभावित
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं।जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मिरिक-सुखियापोखरी मार्ग पर भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप है।
कई पहाड़ी इलाकों में सड़कें टूट गई हैं और बिजली-संचार लाइनें बाधित हैं। पर्यटन स्थलों जैसे कर्सियांग, दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में सैकड़ों पर्यटक फंसे हुए हैं। राज्य सरकार ने राहत कार्य के लिए NDRF और SDRF टीमों को लगाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा- "सरकार पूरी तरह सक्रिय है"
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के लोगों को आश्वासन दिया है कि सरकार हर संभव मदद कर रही है। उन्होंने कहा,"बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को लेकर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों की मदद करेगी।"
उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और जल्दबाजी में यात्रा करने की कोशिश न करें। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।












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