साध्वी प्रज्ञा का कांग्रेस पर बड़ा आरोप, कहा-पार्टी उनके खिलाफ साजिश रच रही है
भोपाल। मालेगांव विस्फोट में मारे गए एक पीड़ित के पिता की ओर से दायर की गई याचिका को एनआईए की एक विशेष अदालत द्वारा खारिज किए जाने पर भोपाल लोकसभा सीट (Bhopal) की बीजेपी (BJP) प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Sadhvi Pragya Singh Thakur) ने खुशी जताई है। इस याचिका में पीड़ित के पिता ने साध्वी के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी।

मुंबई एनआईए की विशेष अदालत द्वारा बुधवार को दिये गये फैसले पर प्रतिक्रिया करते हुए प्रज्ञा ने कहा कि, कांग्रेस उनके खिलाफ साजिश रच रही है, लेकिन मैं जरूर जीतूंगी। जीत हमेशा सत्य और धर्म की ही होती है। बता दें कि, प्रज्ञा मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल स्वास्थ्य कारणों के चलते जमानत पर हैं। वह भाजपा के टिकट पर मध्य प्रदेश के भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं और इस सीट पर उनका मुख्य मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह से है।
मालेगांव विस्फोट में अपने बेटे को खोने वाले निसार सैयद ने ठाकुर को चुनाव लड़ने से रोकने की मांग करते हुए पिछले सप्ताह अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अपनी याचिका में उन्होंने यह भी कहा कि ठाकुर की जमानत रद्द करने की मांग करने वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। एनआईए के विशेष न्यायाधीश वी एस पडालकर ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जो चुनाव चल रहा है, उसमें कोर्ट के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है जिससे किसी को चुनाव लड़ने से रोका जा सके। यह चुनाव अधिकारियों का काम है कि वह इस पर फैसला करें। यह अदालत आरोपी नंबर एक (प्रज्ञा ठाकुर) को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकती है।
पढ़ें भोपाल लोकसभा सीट का पूरा चुनावी गणित, जानिए किसका पलड़ा रहेगा भारी
वहीं दूसरी ओर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के मामले में एनआईए कोर्ट ने एनआईए को फटकार लगाई है। एनआईए कोर्ट ने कहा, 'मालेगांव बम धमाके के जांच अधिकारी ने क्यों कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। साध्वी के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत थे। अगर सबूत नहीं थे तो महाराष्ट्र एटीएस ने अपनी चार्जशीट में क्यों दाखिल की। इस मामले में एनआईए को बताना चाहिए कि उसने साध्वी को जमानत देने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती क्यों नहीं दी।












Click it and Unblock the Notifications