कर्नाटक: स्पीकर रमेश कुमार को हटाने के लिए BJP ला सकती है प्रस्ताव
बेंगलुरु: बीजेपी के नेता बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उन्हें 31 जुलाई तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित रहना है। वहीं बीजेपी कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश कुमार को हटाने के लिए उनके खिलाफ प्रस्ताव ला सकती है। गौरतलब है कि उन्होंने गुरुवार को कांग्रेस के तीन बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किया था। अभी भी उनके पास 14 अन्य बागी विधायकों का मामला है। गौरतलब है कि स्पीकर के आर रमेश कुमार कांग्रेस पार्टी से हैं।

स्पीकर को हटा सकती है बीजेपी
कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार को गिराने में मदद करने वाले बागी विधायकों में अयोग्यता को डर दिखाने वाले स्पीकर के खिलाफ बीजेपी कर्नाटक विधानसभा में प्रस्ताव ला सकती है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक इस पूरे मामले से भलीभांति परिचित दो सूत्रों ने ये अहम जानकारी दी है। स्पीकर को हटाने के लिए जल्द प्रस्तावना का नोटिस दिया जा सकता है। ये इसलिए किए जा रही है कि ताकि स्पीकर को अन्य बागी विधायकों में से किसी को भी अयोग्य करार दिए जाने से रोका जा सके।

कुछ बागी विधायक बन सकते हैं मंत्री
सूत्रों ने बताया कि इन बागी विधायकों में से कुछ विधायकों को बीएस येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। एक सूत्र ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि विधायक स्पीकर से इस बात से नाराज हैं क्योंकि उन्होंने बीजेपी को सरकार बनाने के फैसले में बहुत देर लगाई। उन्होंने आगे बताया कि गुरुवार को कांग्रेस के तीन बागी विधायकों को स्पीकर द्वारा अयोग्य ठहराने के फैसले ने भी उन्हें चिढ़ा दिया है। उन्होंने स्पीकर को हटाने पर कहा कि हन जल्द ही नोटिस का समय तय करेंगे और मौके की संभावना को देखते हुए ये जल्द ही किया जा सकता है।

स्पीकर जल्द बागी विधायकों पर लेंगे फैसला
कर्नाटक विधानसभा में स्पीकर रमेश कुमार ने गुरुवार को कहा था कि उनके पास लंबित पड़े 14 अन्य विधायकों के इस्तीफे और अयोग्यता पर वे अगले कुछ दिनों में फैसला करेंगे। संविधान के आर्टिकल 179 (सी) में ये प्रावधान है कि किसी भी विधानसभा स्पीकर को सदन में प्रस्ताव लाकर उसे बहुमत से पास करवा कर पद से हटाया जा सकता है। इसके लिए, किसी भी मौजूदा स्पीकर को हटाने के लिए 14 दिन दिन पहले प्रस्ताव का नाटिस देने की आवश्यकता होती है। जैसे ही प्रस्ताव लाया जाता है, उसके बाद स्पीकर की शक्तियां सीमित हो जाती हैं। वो फिर किसी को अयोग्य नहीं ठहरा सकता है। संविधान का आर्टिकल 181 कहता है कि स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव के विचाराधीन होने पर उनकी अनुपस्थिति में डिप्टी स्पीकर कार्यभार संभालता है। जेडीएस के एम कृष्णा रेड्डी कर्नाटक विधानसभा में डिप्टी स्पीकर हैं।

'बीजेपी राज्य में स्थिर सरकार प्रदान करेगी'
बीजेपी के दूसरे नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि बीजेपी सरकार को स्थिरता के लिए बागी विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण होगा। ये सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव उपाय किया जाएगा कि वो अयोग्य घोषित ना हो। बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि कि कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी सरकार अपने ही वजन से गिर गई औप बीजेपी राज्य में एक स्थिर सरकार प्रदान करेगी। बीजेपी स्थिरता का पर्याय है। हम जहां भी जाते हैं, हम स्थिरता लाते हैं। नड्डा ने पहली बार कर्नाटक संकट पर बात की और कहा कि वो देखेंगे कि कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों के साथ कैसे डील हो सकती है।

येदियुरप्पा ने चौथी बार ली सीएम की शपथ
गौरतलब है कि बीएस येदियुरप्पा शनिवार को चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वो 76 साल के हैं और बीजेपी में 75 साल के ऊपर होने के बावजूद शासन करने के तौर पर अपवाद हैं। इस पर नड्डा ने कहा कि वह राज्य में बीजेपी विधायक दल के नेता थे और वो मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पसंद होना स्वाभाविक था। पिछले साल मई में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 224 विधानसभा वाली कर्नाटक में बीजेपी 8 सीट से बहुमत हासिल करने से चुक कई थी। 17 मई 2018 को बीएस येदियुरप्पा ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी। लेकिन वे बहुमत साबित करने का जादुई आंकड़ा नहीं जुटा सके। 23 मई को उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उसके बाद कांग्रेस के सहयोग से जेडीएस के कुमारस्वामी सीएम बने।












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