फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापन पर खर्च में भाजपा सबसे आगे, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी टॉप 10 में शामिल
नई दिल्ली- फेसबुक इंडिया पर भाजपा के लिए पक्षपात के एक विदेशी अखबार के दावों और कांग्रेस के आरोपों के बीच इसपर राजनीतिक विज्ञापनों के खर्च का ब्योरा सामने आया है। इसके मुताबिक सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी फेसबुक पर 'सामाजिक मुद्दे, चुनाव और राजनीति' की कैटेगरी में पिछले डेढ़ साल में विज्ञापन पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले 10 दलों या संस्थाओं या पेज में पहले नंबर पर है। इस कैटेगरी में राजनीतिक विज्ञापन पर खर्च करने वाले टॉप 10 में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी राजनीतिक पार्टियां भी शामिल हैं, लेकिन वह बीजेपी के मुकाबले काफी पीछे हैं। यह जो ब्योरा सामने आया है, वह बीते डेढ़ साल का है, जिस दौरान लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव भी हुए हैं।
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फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापन पर खर्च में भाजपा सबसे आगे
भाजपा ने फेसबुक पर चुनावी और राजनीतिक विज्ञापन पर खर्च करने में सभी दलों को काफी पीछे छोड़ दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी, 2019 से लेकर बीते 24 अगस्त तक के 18 महीनों के विज्ञापन खर्च के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि इस दौरान बीजेपी ने फेसबुक पर विज्ञापन के एवज में 4.61 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का स्थान है, जिसकी प्रचार बिल 1.84 करोड़ रुपये का है। यह जानकारी फेसबुक के स्पेंडिंग ट्रैकर से सामने आई है। लेकिन, भाजपा के विज्ञापन के बिल में तब और बहुत बड़ा इजाफा हो जाता है, जब उससे जुड़े माध्यमों से इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को प्रचार के एवज में भुगतान किए गए हैं। गौरतलब है कि हाल ही में एक अमेरिकी अखबार के दावे के बाद कांग्रेस ने फेसबुक इंडिया पर भारतीय जनता पार्टी के लिए पक्षपात करने का आरोप लगाया है।

भाजपा से जुड़े ये पेज भी टॉप 10 स्पेंडर में शामिल
सबसे बड़ी बात ये है कि फेसबुक पर 'सामाजिक मुद्दे, चुनाव और राजनीति' की कैटेगरी में विज्ञापन पर खर्च करने वाले जिन 10 बड़े विज्ञापनदाताओं की बात हो रही है, उनमें चार ऐसे अतिरिक्त विज्ञापनदाता हैं, जो बीजेपी से जुड़े हैं और ट्रैकर के मुताबिक उनमें भी 3 का पता भी वही है, जो पार्टी का नई दिल्ली स्थिति राष्ट्रीय मुख्यालय है। इन चार में से दो कम्युनिटी पेज हैं- 'माई फर्स्ट वोट फॉर मोदी' (1.39 करोड़ रुपये) और 'भारत के मन की बात' (2.24 करोड़ रुपये)। इसके अलावा 'नेशन विद नमो' (1.28 करोड़ रुपये) को न्यूज एंड मीडिया वेबसाइट की श्रेणी में रखा गया है। चौथा पेज (0.65 करोड़ रुपये) सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज के मालिक भाजपा नेता और पूर्व सांसद आरके सिन्हा से जुड़ा है।

भाजपा और कांग्रेस के बाद नंबर 3 पर आम आदमी पार्टी
अगर भाजपा और उससे जुड़े माध्यमों के फेसबुक पर प्रचार का कुल खर्च जोड़ लें तो यह आंकड़ा 10.17 करोड़ रुपये पहुंच जाता है, जो दिए गए कैटेगरी में विज्ञापन पर खर्च करने वाले 10 बड़े विज्ञापनदाताओं के कुल खर्च (15.81 करोड़ रुपये) का 64 फीसदी है। सत्ताधारी पार्टी की ओर से फेसबुक पर विज्ञापन के लिए ये रकम जिस अवधि के लिए खर्च किए गए, उसमें 2019 में हुआ लोकसभा चुनाव भी शामिल है, जिसमें पार्टी ने भारी बहुमत से सत्ता में दोबारा वापसी की थी। इस कैटेगरी में विज्ञापन पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले टॉप 10 पेज में राजनीतिक दल के रूप में दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी भी शामिल है, जिसने दी गई अवधि में 69 लाख रुपये खर्च किए हैं।

फेसबुक इंडिया पर बीजेपी के लिए पक्षपात का लगा है आरोप
आंकड़ों के मुताबिक दी गई श्रेणी में फेसबुक इंडिया पर प्रचार के लिए कुल 59.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ये विज्ञापन सिर्फ फेसबुक वेबसाइट और ऐप पर ही नहीं, बल्कि उसके जुड़े दूसरे प्लेटफॉर्म, मसलन इंस्टाग्राम भी इस्तेमाल किए गए हैं। खास बात ये है कि बीते 14 अगस्त को ही आईटी पर संसद की स्थाई समिति ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के आधार पर फेसबुक के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कि है कि उसने भाजपा से जुड़े कम से कम चार लोगों और ग्रुप पर 'घृणा फैलाने वाले नियम' क्यों नहीं लागू किए, जबकि वे कथित रूप से फेसबुक को उनके 'हिंसा को प्रोत्साहन देने' की जानकारी थी।












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