ओडिशा के शराब कारोबारी साहू के साथ संबंधों को लेकर बीजेपी-बीजेडी में छिड़ी जंग
झारखंड के सांसद धीरज साहू की डिस्टिलरीज पर आईटी के छापेमारी में 350 करोड़ से अधिक नगदी बराम हुआ। इतनी बड़ी छापेमारी पर ओडिशा सरकार की चुप्पी पर भाजपा ने बीजेडी पर बड़ा आरोप लगाया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि बीजेडी के कांग्रेस के स्वामित्व वाली बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के साथ मजबूत संबंध थे।

ओडिशा भाजपा के प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने प्रदेश की नवीन पटनायक सरकार को घेरते हुए कहा राज्य सरकार को बताना चाहिए कि 2000 से देशी शराब का निर्माण और बिक्री के लाइसेंस को नीलाम क्यों नहीं किया जाता है? हर बार उसका नवीनीकरण क्यों किया जाता है।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल किया क्या यह बौध डिस्टिलरी का पक्ष लेना है? जिसका राज्य में देशी शराब व्यापार में लगभग एकाधिकार है। उन्होंने कहा कंपनी के पास अकेले बलांगीर में 62 देशी शराब ब्रुअरीज हैं और राज्य के अन्य जिलों में भी कई हैं। ऐसा लगता है कि राज्य की आबकारी नीति केवल साहू बंधुओं के पक्ष में दशकों से नहीं बदली गई है, जो लंबे समय से व्यापार में हैं।
इसके साथ ही भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि अगर गहन जांच करवाई जाए तो अवैध देशी शराब का कारोबार हजारों करोड़ रुपये का होगा। उन्होंने कहा इससे राज्य सरकार के खजाने को भारी नुकसान होगा।
बता दें भाजपा ने आईटी छापों पर सरकार की चुप्पी के विरोध में राज्य की राजधानी और बलांगीर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि पश्चिमी ओडिशा में आयकर विभाग द्वारा बलदेव साहू एंड संस की डिस्टिलरी पर छापेमारी में 350 करोड़ से अधिक रुपये बरामद हुए हैं। आईटी विभाग की इस छापेमारी ने ओडिशा में आसानी से फल फूल रहे अवैध शराब के कारोबार की पोल खोल कर रख दी। इस छापेमारी ने नवीन पटनायक सरकार पर सवालियां निशान खड़ा कर दिया है।












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