बीजेपी ने विधायक T Raja Singh का इस्तीफा किया स्वीकार, अनदेखी के आरोपों को बताया निराधार

T Raja Singh Resignation: तेलंगाना में बीजेपी के फायरब्रांड नेता के तौर पर पहचान बनाने वाले टी राजा सिंह का इस्तीफा पार्टी ने स्वीकार कर लिया है। कुछ दिन पहले उन्होंने पत्र लिखकर प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव मुद्दे पर अपनी असहमति जताते हुए कहा था कि यह कार्यकर्ताओं की भावना से खिलवाड़ है। पार्टी ने आरोपों को नकारते हुए उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राजा सिंह ने पार्टी के राज्य अध्यक्ष पद पर रामचंदर राव की नियुक्ति का विरोध किया था। वह खुद अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन राव के निर्विरोध चुने जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई थी।

टी राजा सिंह, जिन्हें 'टाइगर राजा सिंह' के नाम से भी जाना जाता है, तेलंगाना के गोशामहल विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक चुने गए हैं। इससे पहले भी वह गोहत्या और गौमाता संरक्षण के मुद्दे पर इस्तीफा दे चुके हैं। हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र में आने वाली गोशामहल विधानसभा सीट हिंदू बहुल क्षेत्र है। टी राजा सिंह अपने फायरब्रांड बयानों और हिंदुत्ववादी छवि के लिए जाने जाते हैं।

T Raja Singh

यह भी पढ़ें: T Raja Singh Resigns: तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष मुद्दे पर बवाल, फायरब्रांड नेता टी.राजा सिंह ने पार्टी छोड़ी

T Raja Singh की छवि रही है विवादित

टी राजा सिंह पहली बार विवादों में नहीं रहे हैं। वह बजरंग दल समेत कई हिंदूवादी संगठनों से जुड़े रहे हैं। पैगंबर मोहम्मद पर की अपनी विवादित टिप्पणी की वजह से उन्हें बीजेपी से सस्पेंड भी किया गया था, लेकिन साल 2023 विधानसभा चुनाव से पहले फिर से वापस ले लिया गया था। वह हिंदुत्व, सनातन, गोरक्षा जैसे मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात कहते हैं। उन पर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने समेत कई आपराधिक केस पहले से ही दर्ज हैं। टी राजा ने अपने इस्तीफे में लिखा था कि वह प्रदेश में हिंदुत्व की विचारधारा को आगे ले जाने और गोशामहल के लोगों के कल्याण के लिए हमेशा काम करते रहेंगे।

रामचंदर राव को अध्यक्ष बनाए जाने का किया था विरोध

कुछ दिन पहले ही बीजेपी ने तेलंगाना का प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव को बनाया है। उनका चुनाव निर्विरोध हुआ था, जबकि टी राजा सिंह भी इस पद के लिए चुनाव लड़ना चाहते थे। पार्टी के इस फैसले के विरोध में इस्तीफा देते हुए उन्होंने एक लंबा पत्र लिखा था। पत्र में लिखा कि यह गोशामहल के लोगों और प्रदेश के लाखों कार्यकर्ताओं की भावना से खिलवाड़ है। हालांकि, बीजेपी ने प्रदेश के जातीय समीकरणों को देखते हुए राव को यह पद दिया है। रामचंदर राव पेशे से वकील हैं और ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। तेलंगाना की राजनीति में ब्राह्मण वोटों का महत्वपूर्ण रोल रहा है।

यह भी पढ़ें: N Ramchander Rao बने तेलंगाना के बीजेपी अध्यक्ष, जानें क्यों है उन पर संघ से लेकर अमित शाह तक को भरोसा

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+