बायोफ्यूल्स से लेकर 'वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड' तक, भारत कैसे होगा आत्मनिर्भर, PM मोदी की G-20 में बड़ी बातें
ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित जी-20 समिट के दौरान भारत ने दुनिया के साथ सामने भारत का विजन पेश किया। पीएम मोदी ने बताया कि भारत कैसे ऊर्जा के क्षेत्र में पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमत्री ने समिट में आए देशों के प्रतिनिधिओं और समकक्षों पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि भारत वन क्षेत्र को विकसित करने के लिए एक दीर्घकालिक प्लान पर कर रहा है, जिसके तहत एक अरब पेड़ लगाने का लक्ष्य है।
ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 19वें जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा और अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में भूख और गरीबी के खिलाफ वैश्विक गठबंधन की शुरुआत हुई।

इस मौके पर सभी देशों के नेताओं ने एकजुटता दिखाई और प्रतीकात्मक ग्रुप फोटो से भूख और गरीबी के खिलाफ लड़ाई का मैसेज दिया। फोटो में मेजबान देश ब्राजील के राष्ट्रपति के अलावा पीएम मोदी, तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोआन, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को पहली कतार में देखा गया। इनके ठीक पीछे फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज सरीखे नेताओं को देखा गया।
जी-20 बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा, "भारत किफायती जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी पहुंच पर ध्यान केंद्रित करते हुए ग्लोबल साउथ के साथ अपनी सफल पहल साझा कर रहा है। ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस लॉन्च करने और 'वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड' को बढ़ावा देने से लेकर 'एक के तहत एक अरब पेड़ लगाने तक'...पेड़ मां के नाम' के साथ हम सतत प्रगति की दिशा में सक्रिय रूप से काम करना जारी रखेंगे।"
पीएम ने कहा, "हम भारत में, अपने सांस्कृतिक मूल्यों से निर्देशित होकर, पेरिस समझौते की प्रतिबद्धताओं को समय से पहले पूरा करने वाले पहले देश रहे हैं। इस पर आगे बढ़ते हुए, हम नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारा प्रयास दुनिया का सबसे बड़ा सोलर रूफटॉप कार्यक्रम उसी का एक उदाहरण है।"












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