'मैं शर्म से सिर झुकाता हूं, बिलकिस के दोषियों को फांसी दो' BJP के पूर्व CM शांता कुमार ने की सरकार की खिंचाई
नई दिल्ली। बिलकिस बानो मामले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन पार्टी के दिग्गज नेता व हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने इस कांड के दोषियों को रिहा करने की अनुमति देने के लिए गुजरात सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि, जो लोग जेल से रिहा कर दिए गए वे बलात्कार और हत्या मामलों के दोषी हैं।

भाजपा के दिग्गज और पूर्व केंद्रीय मंत्री का बयान
शांता कुमार ने कहा, "बिलकिस बानो केस के दोषियों की रिहाई के बारे में सुनकर मेरा सिर शर्म से झुक गया है। यह इतिहास के सबसे बर्बर आपराधिक कांडों में से एक था। कोई सरकार दोषियों को इतनी छूट कैसे दे सकती है? गुजरात सरकार को अपने फैसले को वापस लेना चाहिए और मामले में दोषी ठहराए गए लोगों को फांसी पर लटका देना चाहिए।," उन्होंने यह भी कहा कि वह इन दोषियों को दी गई छूट को "वापस" लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचेंगे।

वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी थे शांता कुमार
बता दें कि, शांता कुमार भाजपा के 80 वर्षीय नेता हैं, वह वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा है कि, 2002 में गुजरात सांप्रदायिक दंगों के दौरान बिलकिस बानो के सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार के कई सदस्यों की हत्या के लिए 11 जनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। मगर.. अब उन्हें रिहा कर दिया गया है। और, यह 'शर्मनाक' है कि रिहाई तब हुई जब देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा था। उन्होंने कहा, "जब विशेष अदालत ने उन्हें उनके अपराध के लिए दोषी ठहराते हुए अपना फैसला सुनाया, और उच्च न्यायालय ने बलात्कार और हत्या के लिए उनकी सजा को सही ठहराया, तो इसका मतलब है कि यह साबित हो गया है कि उन्होंने जघन्य अपराध किया है।,"

'जो लोग जेल से रिहा कर दिए गए, उन्होंने जघन्य अपराध किया था'
शांता कुमार बोले कि, "मुझे आश्चर्य है कि इतने जघन्य अपराधों के बावजूद उन्हें फांसी नहीं दी गई। अब, मुझे यह जानकर और भी आश्चर्य हुआ कि गुजरात सरकार ने एक विशेष प्रावधान का उपयोग करके उन्हें मुक्त कर दिया है। यह शर्मनाक है कि आजादी का 75वां साल होने के बावजूद महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं।'
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11 जनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी
गौरतलब है कि, भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, गुजरात में हाई-प्रोफाइल मामले में दोषी 11 कैदियों की गोधरा उप-जेल से तब रिहाई हो गई, जब गुजरात में भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अपनी छूट नीति के तहत उनकी रिहाई की अनुमति दी। इन लोगों को 2002 में गुजरात सांप्रदायिक दंगों के दौरान बिलकिस बानो के सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार के कई सदस्यों की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। दोषियों की रिहाई राज्य में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले हुई है।

विश्व हिंदू परिषद ने दोषियों का फूल मालाओं से स्वागत किया था
उनकी रिहाई के बाद एक और बखेड़ा तब खड़ा हो गया, जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा 17 अगस्त को अपने कार्यालय में इन दोषियों को माला पहनाकर स्वागत किया गया। विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने भाषण में महिलाओं के सशक्तिकरण के बारे में "खोखले दावे" करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया। हालांकि, बीजेपी ने अब तक इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।
' दोषी प्रभावशाली हैं इसलिए उन्हें फांसी नहीं दी गई'
इस बीच, शांता कुमार ने कहा कि छूट से इन दोषियों के प्रभाव की सीमा का पता चलता है। उन्होंने कहा, "यह दर्शाता है कि दोषी प्रभावशाली हैं इसलिए उन्हें फांसी नहीं दी गई थी। यह प्रणाली में उनकी ताकत को भी दिखाता है, जिसके लिए नियम झुक गए,"
शांता कुमार का कहना है कि, गुजरात सरकार को अपनी "गलती" को सुधारना चाहिए।

मैं प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने के लिए कहूंगा: सांता कुमार
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि, "मैं प्रधानमंत्री से इस छूट को वापस लेने के लिए अपने प्रभाव का उपयोग करने का अनुरोध करूंगा, क्योंकि यह न केवल न्याय की आत्मा के खिलाफ है बल्कि यह महिलाओं की रक्षा के लिए हमारी असफल प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"

दंगों की पीडि़ता ने कहा- मैं स्तब्ध हूं
वहीं, 11 दोषियों की रिहाई के बाद, पीडि़ता बानो ने एक बयान जारी किया कि समय से पहले रिहाई ने उनके न्याय में विश्वास को हिला दिया और उन्हें सुन्न कर दिया। गोधरा दंगों की पीडि़ता ने कहा कि, मैं स्तब्ध हूं।' बानो के वकील द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, "दो दिन पहले, 15 अगस्त को, पिछले 20 वर्षों का आघात मेरे ऊपर तब फिर से छा गया जब मैंने सुना कि 11 दोषियों ने मेरे परिवार और मेरे जीवन को तबाह कर दिया और मेरी तीन साल की बेटी को मुझसे छीन लिया था,"
वहीं, बानो के मौजूदा पति याकूब रसूल ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से छूट की खबर मिली। उन्होंने कहा, "जब मैंने बिलकिस को यह बताया, तो वह शॉक्ड रह गई थीं।,"












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