Bihar News: हर प्रखंड से एक विशिष्ट उत्पाद का चयन, उद्योग विभाग ने आत्मनिर्भर भारत के तहत शुरू की पहल
बिहार सरकार ने वैश्विक पहचान के लिए प्रमुख स्थानीय उत्पादों की पहचान और प्रचार करने के लिए एक जिला एक उत्पाद योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य निर्यात बढ़ाना और स्थानीय व्यवसायों का समर्थन करना है।
राज्य सरकार ने अपने क्षेत्र विशेष के खास उत्पादों को चिन्हित कर विशिष्ट पहचान दिलाने की कवायद शुरू कर दी है। इन उत्पादों को चिन्हित करने के लिए सभी जिलों को खासतौर निर्देश दिए गए हैं। उद्योग विभाग की तरफ से ये निर्देश सभी जिला महाप्रबंधकों को भेजे गए हैं। सभी को जिलों को 10 दिनों के अंदर इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजनी है।

प्रत्येक प्रखंड के मुख्य उत्पाद मसलन कृषि आधारित उत्पाद, वस्त्र एवं चर्म, कला एवं शिल्प, व्यवसायी, उद्यमी समेत ऐसे अन्य सभी तरह के उत्पादों की पहचान कर उनकी खासियतों का विस्तृत विवरण तैयार कर इनकी पहचान की जाएगी। इसके बाद इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
केंद्र सरकार की एक जिला एक उत्पाद की परिकल्पना को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य के उद्योग विभाग ने यह पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले को उस उत्पाद के प्रचार के माध्यम से निर्यात केंद्र में परिवर्तित करना है, जिसमें वह जिला विशेषज्ञता रखता है। इस योजना के अंतर्गत विनिर्माण को बढ़ाकर स्थानीय व्यवसायों, निदेशकों समेत अन्य को समर्थन प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है। इसी परिकल्पना को आकार देने के लिए बिहार में भी एक प्रखंड, एक उत्पाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस मामले में उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा का कहना है कि भारत सरकार के इस प्रयास से हर जिले की विशिष्ट पहचान सामने आएगी और इसके साकारात्मक परिणाम भी दिख रहे हैं। बिहार में भी हर प्रखंड में कुछ न कुछ विशेष है। इन्हें चिन्हित करके इन उत्पादों की पहचान की जाएगी, जिससे प्रखंड की पहचान भी होगी और उत्पाद को खासतौर तवज्जों मिलेगा। सभी जिलों से 10 दिनों में ऐसे उत्पादों को चिन्हित कर सूची मांगी गई है। इसके आधार पर कार्ययोजना तैयार कर इन्हें लागू किया जाएगा।












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