बिहार के नए शिक्षा मंत्री मेवा लाल चौधरी ने दिया इस्तीफा, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
पटना। नीतीश कुमार के नए शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने भारी हंगामे के बीच गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नव नियुक्त शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी परअसिस्टेंट प्रफेसर नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। मेवालाल ने तीन दिन पहले नीतीश सरकार में नए शिक्षामंत्री के तौर पर शपथ ली थी। शपथ के साथ ही मेवालाल विवादों में घिर गए। विपक्षी राजद ने नए शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।
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मेवालाल के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्री का अतरिक्त पदभार कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी को सौंपा गया है। मेवालाल चौधरी पर सबौर विश्वविद्यालय का कुलपति रहते हुए नियुक्ति घोटाले में मामला दर्ज हुआ था। ये केस भागलपुर ADG-1 के पास विचाराधीन है और फिलहाल चार्जशीट का इंतजार किया जा रहा है। मेवालाल चौधरी 2015 में पहली बार जेडीयू विधायक बने थे। इससे पहले तक वो एक शिक्षक थे। उनके कुलपति रहते कृषि विश्वविद्यालय में साल 2012 में सहायक प्राध्यापक और जूनियर वैज्ञानिकों की नियुक्तियां हुई थीं। बताया जाता है कि इन नियुक्तियों में धांधली की गई थी।
गौरतलब है कि तारापुर के नवनिर्वाचित जेडीयू विधायक डॉ मेवालाल चौधरी को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया था। तेजस्वी यादव लगातार मेवालाल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को उठा रहे थे। आज भी उन्होंने इस मसले पर ट्वीट कर हमला बोला है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हत्या और भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में IPC की 409, 420, 467, 468, 471 और 120B धारा के तहत आरोपी मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाने से बिहारवासियों को क्या शिक्षा मिलती है?
वहीं दूसरी ओर मेवालाल चौधरी की पत्नी की मौत के मामले में भी उनकी पूछताछ की जाने की मांग हो रही है। मेवालाल की पत्नी स्व. नीता चौधरी राजनीति में काफी सक्रिय रही थीं। वह जदयू के मुंगेर प्रमंडल की सचेतक भी थीं। 2010-15 में तारापुर से विधायक चुनी गयीं। वर्ष 2019 में गैस सिलेंडर से लगी आग में झुलसने से उनकी मौत हो गयी थी। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास ने शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी की पत्नी की मौत के मामले में उनसे पूछताछ की मांग की है।












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