Bihar caste census: 13 वर्षों में बिहार में 55 लाख बढ़ी मुसलमानों की आबादी, हिंदुओं की कितनी घट गई? जानिए
बिहार में जातिगत जनगणना के आंकड़ों का जैसे-जैसे विश्लेषण हो रहा है कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। बिहार में जातीय सर्वे की वजह से 13 वर्षों बाद वहां की आबादी का कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है। इसके मुताबिक प्रदेश की जनसंख्या तो इन वर्षों में करीब 2.66 करोड़ बढ़ी है। लेकिन, मुसलमानों को छोड़कर अन्य सभी धर्मों की जनसंख्या आनुपातिक तौर पर घट गई है।
2 अक्टूबर, 2023 को जारी जातीय जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक अभी बिहार की कुल आबादी 13,07,25,310 है। जबकि, 2011 की जनगणना में राज्य की कुल आबादी 10,40,99,452 थी। लेकिन, आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान हिंदू, ईसाई, सिख, जैन और बौद्ध धर्मों की जनसंख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन, इसके ठीक उलट मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ी है।

बिहार में 55 लाख बढ़ गई मुस्लिमों की आबादी
बिहार जातीय सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार इस समय राज्य की कुल जनसंख्या में मुस्लिमों की आबादी 2,31,49,925 है जो कि कुल जनसंख्या का 17.70% है। अगर हम 2011 की जनगणना के आंकड़ो को देखें तो तब बिहार में मुसलमान सिर्फ 16.87% या 1.76 करोड़ थे। इस तरह से उनकी जनसंख्या सिर्फ 13 साल में लगभग 55 लाख बढ़ गई है।
बिहार में ईसाइयों की जनसंख्या में भारी गिरावट
वहीं ईसाई धर्म की जनसंख्या में तो भारी कमी दर्ज की गई है। अभी बिहार में ईसाइयों की जनसंख्या मात्र 75,238 रह गई है, जो कि कुल आबादी का 0.05% है। वहीं 2011 में इनकी आबादी 1.29 लाख या 0.12% हुआ करती थी।
सिख, बौद्ध, जैन सभी धर्मों की आबादी में गिरावट का ट्रेंड
इसी तरह से बिहार में अभी 14,753 सिख हैं, जो कि कुल आबादी के महज 0.011% रह गए हैं। जबकि, 2011 में राज्य में सिखों की जनसंख्या 0.02% थी। बौद्ध आबादी का भी यही हाल है। अब राज्य में मात्र 1,11,201 बौद्ध रह गए हैं। यह कुल जनसंख्या का सिर्फ 0.0851% है। 2011 में राज्य की आबादी में इनका भाग भी 0.02% था।
इसी तरह से आज बिहार में जैन धर्म को मानने वाले लोगों की जनसंख्या सिर्फ 12,523 रह गई है, जो कि प्रदेश की कुल जनसंख्या में मात्र 0.0096% हैं। 2011 में प्रदेश की आबादी में इनकी हिस्सेदारी 0.02% थी। दिलचस्प बात तो ये है कि बौद्ध और जैन धर्म का बिहार से बहुत ही अटूट नाता है। ऐसे में, इनकी आबादी में गिरावट सरकारों के लिए चिंता की वजह होनी चाहिए कि इसका कारण क्या है?
बिहार में लगातार कम हो रही है हिंदुओं की जनसंख्या
अब बात हिंदुओं की जनसंख्या की। बिहार में आज भी हिंदुओं की आबादी सबसे अधिक है। जातीय जनगणना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब 10,71,92,958 हिंदू हैं। इस तरह से कुल जनसंख्या में हिंदुओं की हिस्सेदारी 81.99% है। लेकिन, जब पिछली दो जनगणनाओं के आंकड़े देखें तो बिहार में हिंदू आबादी लगातार घटती जा रही है।
2011 की जनगणना के हिसाब से बिहार में हिंदुओं की आबादी 82.69% थी। जबकि, 2001 की जनगणना में बिहार में 83.3% हिंदू थे। इस तरह से बिहार की आबादी में हर जनगणना में हिंदुओं की जनसंख्या में गिरावट का ट्रेंड नजर आ रहा है।












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