किसके कहने पर बिहार में NDA से अलग हुई LJP, चिराग पासवान ने बताया नाम
चिराग पासवान ने इस बात का खुलासा किया है कि एनडीए से अलग होकर बिहार में चुनाव लड़ने के लिए उनसे किसने कहा?
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान को लेकर सियासी दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। पहले चरण के तहत बिहार में 28 अक्टूबर को 16 जिलों की 71 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। बिहार में विधानसभा का ये चुनाव इसलिए भी काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि केंद्र में एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी इस बार अलग चुनाव लड़ रही है। एलजेपी के अध्यक्ष चिराग पासवान बिहार की उन सभी सीटों पर उम्मीदवार उतार रहे हैं, जो सीटें जेडीयू के हिस्से में आई हैं। इस बीच चिराग पासवान ने इस बात का भी खुलासा किया है कि एनडीए से अलग होकर बिहार में चुनाव लड़ने की प्रेरणा उन्हें कहां से मिली।
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'पिताजी ने कहा- अकेले मैदान में उतरो'
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, चिराग पासवान ने इस बारे में बताया कि उन्होंने अपने पिता राम विलास पासवान की प्रेरणा से ही बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले उतरने का फैसला लिया। अपने पिता को याद करते हुए चिराग पासवान ने कहा, 'पिताजी अक्सर मुझे इस बारे में प्रेरित करते थे। वो मुझे बताते थे कि तुम्हें अकेले ही चुनाव मैदान में उतरना चाहिए, इससे पार्टी मजबूत होगी और उसका विस्तार भी होगा।' बीते गुरुवार को ही एक हार्ट सर्जरी के बाद रामविलास पासवान का निधन हो गया था।

चिराग को मंजूर नहीं नीतीश का नेतृत्व
आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही चिराग पासवान ने एनडीए में बगावती तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। चिराग पासवान ने अलग चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि वो भाजपा के साथ बने रहेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नेतृत्व उन्हें मंजूर नहीं है। चिराग ने कहा कि वो जेडीयू के खिलाफ अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारेंगे। चिराग के इस फैसले पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि यह फैसला रामविलास पासवान का नहीं है, अगर वो होते तो एलजेपी ऐसा फैसला नहीं लेती।

'तुम युवा हो, अकेले चुनाव मैदान में क्यों नहीं उतरते'
इसके अलावा बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने भी खुले तौर पर कहा कि अगर राम विलास पासवान ठीक होते तो वो कभी नीतीश कुमार के खिलाफ जाकर अलग चुनाव लड़ने का फैसला नहीं लेते। भाजपा नेताओं के इन बयानों पर चिराग पासवान ने कहा, 'यह पिताजी का ही सबसे बड़ा सपना था कि लोक जनशक्ति पार्टी को बिहार में अकेले चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने 2015 में ही मुझसे ये बात कही थी। उन्होंने कहा कि तुम युवा हो, तुम अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला क्यों नहीं ले रहे।'

'अगर नीतीश फिर से सीएम बने तो तुम्हें पछताना होगा'
चिराग पासवान ने आगे बताया, 'पिछले कुछ महीनों में नित्यानंद राय और शाहनवाज हुसैन जैसे कई बड़े भाजपा नेताओं ने पिताजी से मुलाकात की और उनका रुख जाना। पिताजी पूरी तरह स्पष्ट थे। उन्होंने बहुत ही साफ शब्दों में मुझसे कहा कि अगर आज तुम्हारी वजह से मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से अगले पांच साल के लिए बिहार की सत्ता में वापसी करते हैं, तो तुम्हें कम से कम 10-15 साल तक पछताना पड़ेगा, क्योंकि तुम्हारी वजह से ही राज्य को पांच साल और नुकसान उठाना पड़ेगा। पिताजी मानते थे कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश की सत्ता में वापसी राज्य के लिए आपदा साबित होगी।'












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