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RTI से बड़ा खुलासा, इस अमेरिकी कंपनी के पास है आपके फिंगर प्रिंट-रेटिना का डेटा

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RTI से बड़ा खुलासा, इस अमेरिकी कंपनी के पास है आपके फिंगर प्रिंट-रेटिना का डेटा

बेंगलुरू। एक तरफ जहां केंद्र सरकार आधार कार्ड से जुड़ी तमाम जानकारियों को गोपनीय और सुरक्षित रखने का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ आधार की तमाम जानकारी विदेशी कंपनी के पास मौजूद है। दरअसल यूआईडीएआई के लिए केंद्र ने विदेशी कंपनी के साथ करार किया था, जिसके बाद आधार कार्ड की तमाम जानकारी कंपनी के पास पहुंच गई है। कंपनी के पास ना सिर्फ मूलभूत जानकारी बल्कि फिंगर प्रिंट, आंखों की पुतली का स्कैन सहित हर एक जानकारी मौजूद है। रिकॉर्ड में यह भी बात सामने आई है कि कंपनी को सात साल तक इन आकंड़ों को सुरक्षित रखने को कहा गया है।

अमेरिका की कंपनी के पास है सारी जानकारी

अमेरिका की कंपनी के पास है सारी जानकारी

यह तमाम जानकारी आरटीआई के जरिए मांगी गई एक जानकारी के तहत खुलकर सामने आई है। बेंगलुरू के एक व्यक्ति कर्नल मैथ्यू थॉमस जो कि राइट टू प्राइवेसी के एक याचिकाकर्ता भी थे, उन्होंने आरटीआई के जरिए ये तमाम जानकारी मांगी थी। आरटीआई में यह बात सामने आई है कि यूआईडीएआई के लिए जिस कंपनी से करार किया गया है उसके पास तमाम अनक्रिप्टेड डेटा मौजूद है। बायोमीट्रिक सुविधा मुहैया कराने वाली जिस कंपनी से करार किया गया है उसका नाम आइडेंटिटि सॉल्यूशंस ऑपरेटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है, इसका मुख्यालय अमेरिका में है, कंपनी को आधार से जुड़ी जानकारी उसके साथ किए गए करार का हिस्सा है।

कंपनी कर सकती है तमाम आंकड़ों का इस्तेमाल

कंपनी कर सकती है तमाम आंकड़ों का इस्तेमाल

इसके अलावा मोर्फो और एसेंचर सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड को आधार आइडेंटिकल करार किया गया था, यह करार दो वर्षों के लिए किया गया है, इन कंपनियों के साथ यह करार 2010-2012 के बीच किया गया था, जिसमें इन कंपनियों के पास आधार के आंकड़ों को एक्सेस था। इन कंपनियों से जो करार किया गया था उसके क्लॉज नंबर 15.1 के अनुसार जिसका शीर्षक है डाटा एंड हार्डवेयर, इसमें कहा गया है कि इस करार के होने के बाद कंपनी के पास यूआईडी के व्यक्तिगत आंकड़े देखने का अधिकार हो सकता है, कंपनी किसी भी व्यक्ति के आंकड़ों को इसमें देख सकती है। वहीं अगले क्लॉज नंबर 3 में कहा गया है कि कंपनी जानकारी को जुटा सकती है, उसका इस्तेमाल कर सकती है इसे प्रोसेस भी कर सकती है। इसमें कहा गया है कि कंपनी नियमानुसार इन आंकड़ों का इस्तेमाल करेगी और किसी भी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करेगी। हालांकि इस नियम में पर्सनल डाटा क्या है इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

केवाईसी के जरिए जोड़ी जा सकती है अन्य जानकारियां

केवाईसी के जरिए जोड़ी जा सकती है अन्य जानकारियां

इन तमाम मसलों की बेहतर समझ रखने वाले एक वकील ने बताया कि अगर कॉट्रैक्ट में इस बात की जानकारी नहीं दी गई है तो हम यूआईडीएआई की परिभाषा के आधार पर ही चलेंगे। यूआईएडीएआई के अनुसार व्यक्तिगत आंकड़ों में बायोमीट्रिक और डेमोग्राफिक दोनों ही जानकारी शामिल है। जिसमें व्यक्ति के फिंगर प्रिंट, आंखों की पहचान, नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि आता है। बाद में मुमकिन है कि इसके साथ बैंक की जानकारी, पैन की जानकारी, लाइसेंस की जानकारी, पासपोर्ट की जानकारी आदि केवाईसी के जरिए शामिल की जाए।

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English summary
Big revelation on Adhar foreign company has access to unencrypted data. RTI bring this important information in public domain.
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