Jamia Firing: आरोपी के बारे में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह से नाबालिग युवक ने गोली चलाई उसके बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में जो ताजा जानकारी सामने आई है वह चौंकाने वाली है। दरअसल आरोपी युवक को घरवालों ने 10000 रुपए दिए थे, जिससे युवक ने तमंचा खरीदा और प्रदर्शनकारियों पर चला दिया। घरवालों ने यह पैसे रिश्तेदार की शादी में कपड़े सिलवाने के लिए युवक को दिए थे, लेकिन युवक ने कपड़े सिलवाने की बजाए इन पैसों से देसी कट्टा खरीदा और प्रदर्शनकारियों पर चला दिया।

सोशल मीडिया से भरा जहर

सोशल मीडिया से भरा जहर

जानकारी के अनुसार आरोपी ने यह देसी कट्टा 19 वर्षीय एक युवक से खरीदा था जोकि गौतम बुद्ध नगर स्थित एक गांव में रहता था। यह जानकारी पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आई है। इससे पहले शुक्रवार को युवक को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया था, जहां बोर्ड ने आरोपी को 14 दिन की संरक्षात्मक कस्टडी में भेज दिया है। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर लगातार नफरत भरा कंटेंट पढ़ रहा था। पिछले आठ महीन से वह इस तरह के कंटेंट देख रहा था, जिसकी वजह से उसके भीतर यह गुस्सा भर गया था और उसने गुरुवार को प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी।

धर्म खतरे में हैं, पर बात करता था

धर्म खतरे में हैं, पर बात करता था

मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी के अनुसार दो वर्ष पहले युवक सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के संपर्क में आया था और वह उन लोगों से इस बात की चर्चा करता था कि कैसे उसका धर्म खतरे में है। अधिकारी ने बताया कि वह इन वीडियो को काफी करीब से देखता था और सीएए के खिलाफ कंटेंट को लेकर काफी संजीदा था। वह खासकर शाहीनबाग और जामिया में हो रहे प्रदर्शन की खबरों और उससे जुड़े वीडियो को करीब से देखता था। पुलिस ने बताया कि युवक गुरुवार को दूसरी बार दिल्ली आया था, इससे पहले वह सिर्फ एक बार दिल्ली आया था। आरोपी रोडवेज की बस से दिल्ली पहुंचा था, वह कालिंदी कुंज उतरा। आखिरी बार वह दिल्ली उस वक्त आया था जब उसकी उम्र महज 7 वर्ष थी।

चंदन गुप्ता की मौत से दुखी था

चंदन गुप्ता की मौत से दुखी था

पुलिस ने बताया कि युवक खुद को असली राष्ट्रवादी बताया था। उसने पुलिस को बताया कि वह चंदन गुप्ता की मौत से काफी दुखी था जिससकी कासगंज में 2018 में मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार युवक ने पुलिस को बताया कि वह अपने धर्म के लिए मर सकता है। उसने अपना काम कर दिया है और ये लोग इसी लायक थे।

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