Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MBBS की सीटों को लेकर दक्षिण के लिए बड़ी राहत, NMC ने अधिसूचना पर लगाई रोक

दक्षिण भारतीय राज्यों के विरोध के बाद, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने एमबीबीएस सीटों की संख्या प्रति 10 लाख की आबादी पर 100 तक सीमित करने के अपने फैसले को एक साल के लिए टाल दिया है।राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया कि इसे शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किया जाएगा। दरअसल, एनएमसी ने 16 अगस्त एमबीबीएस की सीटें सीमित करने की अधिसूचना जारी थी। जिसका दक्षिण के उन राज्यों ने विरोध किया जहां बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज हैं। एनएमसी की अधिसूचना का विरोध करने वाले राज्यों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पुडुचेरी जैसे राज्यों शामिल थे।

क्या थी अधिसूचना?
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की नई अधिसूचना के अनुसार एमबीबीएस की सीटों की संख्या आबादी के आधार पर निर्धारित की गई है। अधिसूचना के मुताबिक, नए मेडिकल संस्थानों की स्थापना, नए मेडिकल पाठ्यक्रमों की शुरुआत, मौजूदा पाठ्यक्रमों के लिए सीटें बढ़ाने और मूल्यांकन और रेटिंग विनियम, 2023, दिनांक 16 अगस्त, 2023 के तहत स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आयोग के असाधारण राजपत्र अधिसूचना दिशानिर्देशों के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों को अनुपात का पालन करना होगा। उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में प्रत्येक 10 लाख की आबादी के लिए 100 एमबीबीएस सीटें निर्धारित की गईं।

MBBS seats NMC defers notification

दक्षिण के राज्य कर रहे विरोध
16 अगस्त की अधिसूचना का तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पुडुचेरी जैसे राज्यों ने विरोध किया, जहां बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज हैं।

दक्षिण में एमबीबीएस सीटें
आंध्र प्रदेश में, अनुमानित जनसंख्या 5.34 करोड़ थी, जिसका मतलब था कि राज्य में 5,346 सीटें हो सकती थीं। राज्य में अब 6,435 एमबीबीएस सीटें हैं। जबकि कर्नाटक में 11,695 सीटें हैं। लेकिन एनएमसी के मानक के मुताबिक राज्य में सिर्फ 6,770 सीटें होनी चाहिए। दरअसल, यहां की अनुमानित आबादी 6.76 करोड़ है। वहीं 3.57 करोड़ की अनुमानित आबादी वाले केरल में 4,655 सीटें हैं । ये भी एनएमसी मानदंड के अनुसार 3,577 से अधिक है। जबकि तमिलनाडु में सीटों की संख्या 7,686 बताई गई है। यहां अनुमानित आबादी 7.68 करोड़ है।

वहीं तेलंगाना में साल 800 सीटें जोड़ने की योजना है। जबकि इसकी अनुमानित जनसंख्या 3.8 करोड़ है। एनएमसी की अधिसूचना के मुताबिक यहां एमबीबीएस की 3,809 सीटें होनी चाहिए। जबकि राज्य में वर्तमान में 8,540 एमबीबीएस सीटें हैं।

दक्षिण में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात
विश्व स्वास्थ्य संगठन डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात 1:1,000 की सिफारिश करता है। जिसे दक्षिण भारत के राज्यों ने पार कर लिया है। एनएमसी के आंकड़ों के अनुसार, जून 2022 तक आंध्र प्रदेश में 1,05,799 पंजीकृत डॉक्टर थे, जबकि कर्नाटक में 1,34,426, केरल में 42,596 डॉक्टर, तमिलनाडु में 1,48,217 डॉक्टर और तेलंगाना में 14,999 डॉक्टर थे। यानी आंध्र प्रदेश में 505 लोगों, कर्नाटक में 503 लोगों, केरल में 839 लोगों, तमिलनाडु में 600 लोगों और तेलंगाना में 2,540 लोगों पर एक डॉक्टर उपलब्ध हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+