कृषि विधेयकों के खिलाफ आज किसानों का भारत बंद, रेल से लेकर सड़क तक क्या-क्या होगा प्रभावित
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों से पारित हुए किसान विधेयकों के विरोध में किसान संगठन शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। इससे पहले पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों ने तीन दिन की 'रेल रोको' हड़ताल की थी। जहां सरकार ये दावा कर रही है कि इन तीन बिलों से किसानों को लाभ होगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और बाजार उनके उत्पादों के लिए खुलेगा। तो वहीं किसान संगठनों का कहना है कि इन विधेयकों से कृषि क्षेत्र कार्पोरेट के हाथों में चला जाएगा।

पंजाब और हरियाणा में व्यापक प्रदर्शन
विधेयकों के खिलाफ सबसे व्यापक प्रदर्शन पंजाब और हरियाणा में हो रहे हैं। आज होने वाले भारत बंद का 31 किसान संगठनों ने समर्थन किया है। अखिल भारतीय किसान संघ (AIFU), भारतीय किसान यूनियन (BKU), अखिल भारतीय किसान महासंघ (AIKM) और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC) ने देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के किसान निकायों ने भी बंद का आह्वान किया है।
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केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने दिया समर्थन
भारतीय किसान संघ, स्वदेशी जागरण मंच जैसे आरएसएस से जुड़े किसान संगठन भी विधानों में संशोधन की मांग कर रहे हैं, लेकिन ये आज की हड़ताल में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस, हिंद मजदूर सभा, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर और ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर सहित दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी अपना समर्थन दिया है।

कौन से राजनीतिक दल कर रहे भारत बंद का समर्थन?
कांग्रेस ने गुरुवार को भारत बंद का समर्थन किया है। वहीं कुल 18 राजनीतिक दल ऐसे हैं, जो इसका समर्थन कर रहे हैं। इनमें आप, कांग्रेस, वामदल, राकांपा, द्रमुक, सपा, तृणमूल कांग्रेस, राजद शामिल हैं। ये पार्टियां राष्ट्रपति से बिलों पर हस्ताक्षर नहीं करने का आग्रह कर रही हैं। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने किसानों से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है। उन्होंने किसानों से कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह भी किया है। सिंह ने ये भी कहा है कि विरोध के दौरान धारा 144 के उल्लंघन पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।

रेल सेवा होगी प्रभावित
किसान संगठनों के तीन दिवसीय (24 से 26 सितंबर) रेल रोको विरोध के मद्देनजर रेलवे ने फिरोजपुर डिवीजन से चलने वाली 14 विशेष यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया था। जो ट्रेन निलंबित की गईं, उनमें गोल्डन टेंपल मेल (अमृतसर-मुंबई सेंट्रल), जन शताब्दी एक्सप्रेस (हरिद्वार-अमृतसर), नई दिल्ली-जम्मू तवी, सचखंड एक्सप्रेस (नांदेड़-अमृतसर), और शहीद एक्सप्रेस (अमृतसर-जयनगर) शामिल हैं। किसान संगठनों ने 1 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए रेल अवरोध करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर भी सील हो सकता है। ऐसा कहा जा रहा है कि दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर को इसलिए सील किया जा सकता है क्योंकि प्रदर्शनकारी राजधानी की ओर मार्च कर सकते हैं। दिल्ली पुलिस भी हाई अलर्ट पर है।

पंजाब में 3 घंटे का चक्का जाम
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) पूरे पंजाब में 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे का चक्का जाम करेगी। राज्यसभा ने 20 सितंबर को विपक्ष के विरोध के बीच कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और मूल्य आश्वासन तथा कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता बिल, 2020 पारित कर दिए थे।












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