देश में ऑक्सीजन को लेकर केरल की स्थिति सबसे बेहतर, पड़ोसी राज्यों को भी कर रहा है सप्लाई
नई दिल्ली, अप्रैल 24। देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर रोजाना हजारों मरीजों की जान ले रहा है। इस वक्त राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन की किल्लत सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है, लेकिन इस स्थिति में भी केरल के हालात फिर भी काफी बेहतर हैं। हेल्थ सेक्टर में केरल हमेशा से ही बाकि राज्यों के लिए एक आदर्श राज्य रहा है और यही वजह है कि केरल में केसों की संख्या बहुत अधिक होने के बावजूद भी ऑक्सीजन को लेकर स्थिति काफी बेहतर है।

केरल ने पहले ही ऑक्सीजन के प्रोडक्शन को बढ़ा दिया था
आपको जानकर हैरानी होगी कि केरल में ऑक्सीजन को लेकर हालात ऐसे हैं कि यहां कि राज्य सरकार तमिलनाडु, गोवा और कर्नाटक को भी ऑक्सीजन सप्लाई कर रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि केरल में ऑक्सीजन को लेकर हालात ऐसे हैं कि यहां कि राज्य सरकार तमिलनाडु, गोवा और कर्नाटक को भी ऑक्सीजन सप्लाई कर रही है। आज केरल अगर ऑक्सीजन सप्लाई करने की स्थिति में है तो इसके लिए केरल की सरकार तारीफ की पात्र है। दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए केरल ने पहले ही ये भांप लिया था कि आगे स्थिति खराब होगी। ऐसे में केरल सरकार ने ऑक्सीजन की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के आदेश दे दिए थे।
केरल में अभी 199 मीट्रिक टन हो रहा है ऑक्सीजन का उत्पादन
पेट्रोलियम एंड विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के आंकड़ों के मुताबिक, केरल में प्रतिदिन 199 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है। केरल में अभी कोविड केयर के लिए ऑक्सीजन की मांग 35 मीट्रिक प्रतिदिन है, जबकि नॉन कोविड सेवाओं के लिए 45 मीट्रिक प्रतिदिन ऑक्सीजन की मांग होती है। आपको बता दें कि अभी राज्य में ऑक्सीजन की कुल उत्पादन क्षमता 204 मीट्रिक प्रतिदिन है। राज्य में कोरोना की महामारी से निपटने में लगे चिकित्सा अधिकारियों का अनुमान है कि 30 अप्रैल तक राज्य को एक सौ टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है। इसके बरक्स राज्य के पास 246.1 टन मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति करने की क्षमता है। अलग अलग जिलों में सरकार ने बड़ी संख्या में ऑक्सीजन की स्टॉक किया है।












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