Bengal Election में मोदी-ममता में टकराव! चुनावी रैलियों में ‘बेरहम सरकार’ और वोटर लिस्ट का मुद्दा गरमाया
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए रणभेरी बज चुकी है और सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर है। गुरुवार, 9 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अलग-अलग रैलियों में एक-दूसरे पर तीखे हमले किए।
जहां पीएम मोदी ने ममता सरकार को 'निर्मम' बताते हुए सत्ता परिवर्तन को तय बताया, वहीं ममता बनर्जी ने भाजपा पर राज्य की वोटर लिस्ट से 90 लाख नाम हटाने का गंभीर आरोप जड़ दिया।

Asansol Rally में ममता बनर्जी पर जमकर बरसे PM Modi : टीएमसी के पापों का घड़ा भर चुका है
आसनसोल में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन अब पत्थर की लकीर बन चुका है। पीएम ने ममता बनर्जी के नाम पर तंज कसते हुए कहा, ममता दीदी की सरकार ने बंगाल को केवल 'निर्ममता' (क्रूरता) दी है। यहां सिंडिकेट राज, कोयला और रेत माफिया का बोलबाला है।
पीएम मोदी ने राज्य की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि कभी देश की जीडीपी में 12% योगदान देने वाला बंगाल आज महज 5% पर सिमट गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने युवाओं के भविष्य को लूटकर सरकारी पदों को पैसे के बदले बेच दिया है। हल्दिया की रैली में पीएम ने 'विकसित बंगाल' के लिए "मोदी की 6 गारंटी" की घोषणा की। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार आसनसोल के औद्योगिक बेल्ट को पुनर्जीवित करने के लिए ₹45,000 करोड़ का निवेश करेगी और 'डर के शासन' को 'विश्वास के शासन' में बदलेगी।
ममता बनर्जी का पलटवार: 90 लाख नाम हटाकर सत्ता हथियाना चाहती है BJP
दूसरी ओर, उत्तर 24 परगना के मीनाखान में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर 'लोकतंत्र की हत्या' का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा ने बंगाल की सत्ता हथियाने के लिए मतदाता सूची से 90 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटा दिए हैं। उन्होंने कहा, "ॉआपने सत्ता पाने के लिए नाम काटे हैं, लेकिन हम अदालत जाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि हर नाम वापस जोड़ा जाए। जीत हमारी ही होगी।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा यूपी और बिहार से 'बाहरी' लोगों को लाकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश कर रही है और वोट खरीदने के लिए पैसे बांट रही है। ममता दीदी ने भाजपा पर बंगाली अस्मिता को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने वालों को 'घुसपैठिया' बताकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
Bengal Election में अस्मिता बनाम विकास की लड़ाई
प्रधानमंत्री का 'सैंड और कोल माफिया' पर प्रहार और ममता बनर्जी का '90 लाख वोटर' वाला दांव यह स्पष्ट करता है कि बंगाल चुनाव अब पूरी तरह से ध्रुवीकरण और अस्मिता की लड़ाई में बदल चुका है। जहां पीएम मोदी राज्य को विकास के राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने की बात कर रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी 'बंगाली पहचान' और 'संघीय ढांचे' की रक्षा को अपना मुख्य चुनावी हथियार बना रही हैं।
23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान में यह देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल की जनता 'डबल इंजन' के वादे पर भरोसा करती है या 'दीदी' के क्षेत्रीय स्वाभिमान के आह्वान पर।












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