Bengal Election: मतदान से पहले रणक्षेत्र बना बंगाल, दांतन में BJP कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान में अब 24 घंटे से भी कम का समय शेष है, लेकिन राज्य की परंपरा बन चुकी 'चुनावी हिंसा' ने एक बार फिर लोकतंत्र के उत्सव को दागदार कर दिया है।
21 अप्रैल को शाम जब पहले चरण के प्रचार का शोर थमने को था, तभी पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दांतन विधानसभा क्षेत्र में खूनी संघर्ष छिड़ गया।

यहां भाजपा उम्मीदवार अजीत कुमार जाना के काफिले पर हमला किया गया, जिसमें वे घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है।
रणक्षेत्र बना मोहनपुर: बाइक रैली पर अचानक हमला
घटना उस समय हुई जब दांतन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अजीत कुमार जाना के समर्थन में हरिपुर से मोहनपुर की ओर एक विशाल बाइक रैली निकाली जा रही थी। सैकड़ों समर्थकों का हुजूम 'जय श्री राम' के नारों के साथ आगे बढ़ रहा था। जैसे ही रैली आंतला इलाके के पास पहुंची, वहां पहले से जमा हमलावरों के एक गुट ने रास्ता रोक लिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से रैली पर धावा बोल दिया। सड़क पर खड़ी दर्जनों मोटरसाइकिलों को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और इलाके में भगदड़ मच गई।
Dantan में भाजपा प्रत्याशी घायल, कार्यकर्ता की हालत नाजुक
इस हमले में भाजपा उम्मीदवार अजीत कुमार जाना की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और उनके हाथ में गंभीर चोटें आईं। भाजपा का आरोप है कि यह हमला तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थित गुंडों द्वारा किया गया है ताकि मतदाताओं में डर पैदा किया जा सके।
हमले में घायल सभी कार्यकर्ताओं को तुरंत मोहनपुर ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया। एक कार्यकर्ता की हालत इतनी नाजुक थी कि उसे प्राथमिक उपचार के बाद ओडिशा के बालासोर अस्पताल रेफर किया गया है, जहां वह वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहा है। भाजपा ने दावा किया है कि उनके कार्यकर्ताओं को मारने की नियत से सिर और गर्दन पर वार किए गए थे।
आक्रोशित भाजपा का चक्का जाम, TMC ने नकारा
हिंसा की खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मोहनपुर पुलिस स्टेशन के सामने एगरा-सोलपाटा राज्य राजमार्ग को जाम कर दिया। घंटों चले इस प्रदर्शन में मांग की गई कि हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और इलाके में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराए जाएं।
दूसरी ओर, स्थानीय TMC नेतृत्व ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। तृणमूल का कहना है कि यह भाजपा की अंदरूनी कलह का नतीजा है और चुनाव से पहले सहानुभूति बटोरने के लिए इसे टीएमसी का नाम दिया जा रहा है। मतदान को देखते हुए चुनाव आयोग ने दांतन और मोहनपुर ब्लॉक में अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की तैनाती के निर्देश दिए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों की निगरानी में केंद्रीय बलों ने प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया ताकि आम जनता के मन से डर निकाला जा सके।
चुनावी माहौल में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बंगाल चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले हुई इस हिंसा ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमित शाह द्वारा ममता सरकार को दी गई हालिया चेतावनी के बाद, दांतन की इस घटना ने राजनीतिक पारे को और बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि कल होने वाली वोटिंग के दौरान प्रशासन शांति बनाए रखने में कितना सफल हो पाता है।












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