Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bengal Election 2026: 'मुझसे छीन ली गई सत्ता’ मालदा कांड पर ममता बनर्जी का पलटवार, EC पर लगाया बड़ा आरोप

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। मालदा जिले में 7 न्यायिक अधिकारियों (जजों) को, और तीन महिलाओं को उग्र भीड़ ने करीब 9 घंटे तक बंधक बनाए रखा।

इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए बंगाल सरकार को जमकर फटकार लगाई है। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुरुवार 2 अप्रैल को बयान दिया जो अब चर्चा के केंद्र में आ गया है।

mamata-banerjee-statament-malda-hostage

वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका ठीकरा चुनाव आयोग (EC) के सिर फोड़ते हुए इसे 'सुपर राष्ट्रपति शासन' करार दिया है।

Mamata Banerjee का पलटवार, कहा- 'मुझे जानकारी ही नहीं दी गई'

एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें इस गंभीर घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, मालदा में जो हुआ, उसके बारे में मुझे नहीं पता था। किसी ने मुझे सूचना तक नहीं दी। रात में लोगों ने जज के घर का घेराव कर लिया।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य का प्रशासन अब उनके नियंत्रण में नहीं है और चुनाव आयोग (EC) पूरी व्यवस्था संभाल रहा है। उन्होंने कहा, मेरे सभी अधिकार चुनाव आयोग को दे दिए गए हैं। यह 'सुपर प्रेसिडेंट्स रूल' जैसा हो गया है।

Suvendu Adhikari Net Worth: नंदीग्राम से पर्चा भरते ही चर्चा में शुभेंदु अधिकारी, कितनी है उनकी कुल संपत्ति?
Suvendu Adhikari Net Worth: नंदीग्राम से पर्चा भरते ही चर्चा में शुभेंदु अधिकारी, कितनी है उनकी कुल संपत्ति?

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों के बाद हालात बिगड़े हैं। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, "वे गृह मंत्री अमित शाह की सुनते हैं, राज्य सरकार की नहीं।"

Malda Judicial Officers Hostage Case: क्या है पूरा मामला? क्यों भड़की भीड़?

बंगाल में इस महीने दो चरणों में होने वाले चुनाव से पहले चुनाव आयोग के आदेश पर 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का काम चल रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए जानबूझकर उनके समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं।

बुधवार, 1 अप्रैल को मालदा में तब स्थिति बेकाबू हो गई जब बड़ी संख्या में लोगों ने पाया कि उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं। वोटर लिस्ट में सुधार और आपत्तियों के निस्तारण का काम कर रहे 7 न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने घेर लिया और उन्हें बंधक बना लिया।

यह बंधक संकट रात 1 बजे तक चला, जब पुलिस और अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी ने हस्तक्षेप कर अधिकारियों को सुरक्षित निकाला। इस दौरान भीड़ ने जजों की गाड़ियों पर पथराव भी किया, जिसमें एक कार के शीशे चकनाचूर हो गए।

चुनाव से पहले उठा सियासी उबाल और SIR का विवाद

23 अप्रैल से शुरू होने वाले मतदान से पहले न्यायिक अधिकारी समय के खिलाफ दौड़ रहे हैं ताकि वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को सुधारा जा सके। लेकिन मालदा की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा ने इस घटना को 'जंगलराज' का सबूत बताया है, जबकि टीएमसी का दावा है कि चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के कारण कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।

Election 2026
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+