Basant Panchami School Closed: बसंत पंचमी के दिन इन राज्यों में बच्चों को मिलेगी छुट्टी, स्कूल रहेंगे बंद
Basant Panchami School Closed: बसंत पंचमी का त्योहार हर साल माघ महीने में मनाया जाता है और इसे देवी सरस्वती की पूजा का विशेष दिन माना जाता है। इस दिन देशभर में शैक्षणिक संस्थानों में विशेष पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कई जगहों पर अवकाश भी दिया जाता है।
ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी माता-पिता और छात्रों के मन में सवाल है कि बसंत पंचमी के दिन स्कूल बंद रहेंगे या खुले? जान लें राज्यवार इस बार का अपडेट।

Basant Panchami School Closed: बंगाल-बिहार समेत इन राज्यों में छुट्टी
भारत में बसंत पंचमी को लेकर स्कूलों की छुट्टी का फैसला राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन करते हैं। आम तौर पर कुछ राज्यों में यह पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है और वहां इस दिन शैक्षणिक अवकाश रहता है।
बिहार और झारखंड: यहां बसंत पंचमी पर स्कूल और कॉलेजों में अक्सर छुट्टी रहती है। इस साल भी स्कूलों में शैक्षणिक कार्य बंद रहेंगे। कई स्कूलों में इस दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
पश्चिम बंगाल: सरस्वती पूजा बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन आधिकारिक तौर पर छुट्टी रहती है। स्कूल-कॉलेज और शैक्षणिक संस्थाओं में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
ओडिशा और असम: कई जिलों में स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है। आम तौर पर जिलेवार इसके लिए फैसला लिया जाता है।
त्रिपुरा और पूर्वोत्तर के कुछ राज्य: यहां भी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी दी जाती है।
Basant Panchami पर इन राज्यों में स्कूल खुले रह सकते हैं
महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में बसंत पंचमी पर सामान्य कार्यदिवस रहता है। हालांकि, स्कूलों में विशेष पूजा या कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। दिल्ली-एनसीआर में भी अधिकतर स्कूल खुले रहते हैं, लेकिन कुछ निजी स्कूल अपनी आंतरिक छुट्टी घोषित कर सकते हैं।
छुट्टी की सही जानकारी के लिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिस बोर्ड देखें। इसके अलावा, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा जारी आदेश पर नजर रखें। स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप या मैसेज पर भी अब छुट्टियों की जानकारी साझा की जाती है।
क्यों खास है बसंत पंचमी?
बसंत पंचमी को विद्या, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। इस दिन बच्चों का विद्यारंभ संस्कार, पीले वस्त्र पहनना और पीले पकवान बनाना शुभ माना जाता है। यही कारण है कि कई स्कूल इस दिन को विशेष रूप से मनाते हैं। पूर्वी भारत (बिहार-बंगाल) में इस दिन बच्चों का विद्यारंभ संस्कार भी किया जाता है। 3-4 साल के बच्चों को पहली बार किताब-कॉपी छूने के लिए दी जाती है। माना जाता है कि इस दिन विद्या आरंभ संस्कार शुरू करने से देवी सरस्वती प्रसन्न होती हैं।












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