TikTok ban in India: जानिए टिकटॉक जैसे भारतीय एप चिंगारी के बारे में सबकुछ
नई दिल्ली। सोमवार से भारत में 59 चीनी एप्स पर मोदी सरकार ने बैन लगा दिया है। जिन एप्स पर प्रतिबंध लगा उनमें युवाओं में सबसे लोकप्रिय टिकटॉक भी शामिल है। कुछ सेकेंड्स के वीडियो को साउंड इफेक्ट के साथ शेयर करने वाले इसके यूजर्स की संख्या भारत में कहीं ज्यादा थी। बैन के बाद टिकटॉक यूजर्स खासे निराश हैं और कुछ तो कह रहे हैं कि अब वो कैसे अपने वीडियोज को सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगे। ऐसे में उनके लिए भारत में ही एक विकल्प मौजूद है जिसका नाम है चिंगारी। जी हां चिंगारी, टिकटॉक की भारतीय प्रतिद्वंदी एप है और अब इसकी डाउनलोडिंग में तेजी से इजाफा हो रहा है। जानिए इस एप के बारे में सबकुछ।
Recommended Video

साल 2019 में हुई शुरुआत
- चिंगारी एप की शुरुआत बेंगलुरु स्थित प्रोग्रामर्स बिस्वात्मा नायक और सिद्धार्थ गौतम ने साल 2019 में की थी।
- यह एप कई भाषाओं में मौजूद है जैसे इंग्लिश, हिंदी, बांग्ला, गुजराती, मराठी, कन्नड़, पंजाबी, मलयालम, तमिल और तेलगु।
- अगर यूजर का कोई वीडियो वायरल होता है तो उसके वायरल होने की वजहों के आधार एप की तरफ से उस यूजर को पुरस्कार भी दिया जाता है।
- चिंगारी एप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल के एप स्टोर से फ्री डाउनलोड किया जा सकता है।
- चिंगारी यूजर्स को न सिर्फ वीडियो बनाने बल्कि वीडियो को डाउनलोड करने की मंजूरी भी देती है।
- इस एप के जरिए यूजर्स दोस्तों के साथ चैट कर सकते हैं, नए लोगों से बात कर सकते हैं।
- कंटेंट साझा कर सकते हैं और फीड के जरिए ब्राउजिंग भी कर सकते हैं।
अकबरुद्दीन बोले- बहुत तेजी से बदलता है वक्त
यूनाइटेड नेशंस (यूएन) में भारत के पूर्व राजदूत रहे सैयद अकबरुद्दीन ने भी इस एप की तारीफ की। उन्होंने एक ट्वीट किया और लिखा कि कितनी तेजी से साइबर स्पेस में भविष्य बदलता है। अकबरुद्दीन ने बताया कि एक माह पहले टिकटॉक की वजह से जहां कोई चिंगारी को पूछता नहीं था, अब वह एप टॉप पर है और टिकटॉक का कहीं नामो-निशां नहीं है। सिर्फ 30 दिन के अंदर ही एप टॉप पर आ गई है। उन्होंने अंत में लिखा की बदलाव जरूर आता है। भारतीय बिजनेसमैन और महिंद्रा ग्रुप के मालिक आनंद महिंद्रा भी इसकी तारीफ कर चुके हैं।

टिकटॉक को 4,52,68,53,00000 रुपए का नुकसान
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में आए एक आर्टिकल में बताया गया है कि कैसे टिकटॉक बैन होने के बाद इसकी मातृत्व कंपनी बाइटडांस एक झटके में कई अरब करोड़ रुपए गंवा चुकी है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि चीनी इंटरनेट कंपनी बाइटडांस को टिकटॉक पर बैन लगने के बाद छह बिलियन डॉलर (4,52,68,53,00000 रुपए) तक का नुकसान झेलना पड़ा है। ग्लोबल टाइम्स की तरफ से आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया गया, 'चीनी इंटरनेट कंपनी-भारतीय सरकार की तरफ से 59 चीनी एप्स जिसमें टिकटॉक भी शामिल है उन पर बैन लगने के बाद टिकटॉक की मदरकंपनी का घाटा छह बिलियन डॉलर तक हो सकता है।' भारत सरकार ने 15 जून को भारत और चीन की सेना के बीच सीमा पर हुए हिंसक टकराव के बाद इन एप्स को बैन किया है।

अमेरिका ने भारत के फैसले को सराहा
वहीं भारत में एप्स पर बैन लगने के बाद अमेरिका ने भी फैसले को सराहा है, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो ने कहा है कि मोदी सरकार के फैसले से भारत की अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि चीनी एप्स चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के एजेंडे को ही आगे बढ़ाती हैं। पोंपेयो के अलावा भारतीय मूल की अमेरिकी कांग्रेस सदस्य निकी हेले ने कहा है कि भारत की तरफ से 59 चीनी एप्स पर बैन लगने का फैसला काफी अच्छा है। भारत ने साफ कर दिया है कि अब वह चीन की आक्रामकता से डरने वाला नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications