ब्लॉग: क्यों भुला दिया गया बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का वादा?
मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुसलमीन या एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने दो साल पहले 6 दिसंबर को खुले मंच से चुनौती दी थी कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं बल्कि बाबरी मस्जिद फिर से बनेगी.
उन्होंने कहा था हमें हिंदुस्तान के संविधान पर और हिंदुस्तान के सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है. और फिर वो सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को सीधे संबोधित करते हुए बोले, "तुम जो ख़्वाब देख रहे हो मंदिर बनाने का. हिंदुस्तान की अदलिया (न्यायपालिका) उसे इंशा अल्लाहोताला पूरा नहीं करेगी."
ख़ुद ओवैसी भी जानते हैं कि वो चाहे जितना जोशीला भाषण दे लें, बाबरी मस्जिद को फिर से बनाने का संकल्प तो दूर कोई भी पार्टी या नेता ऐसी किसी चर्चा के आसपास भी नहीं फटकना चाहेगा - चाहे वो राहुल गाँधी, ममता बनर्जी, लालू प्रसाद यादव हो या फिर कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी, प्रकाश करात आदि.
6 दिसंबर को मस्जिद के अलावा और भी बहुत कुछ टूटा था
बाबरी मस्जिद: केस जो अदालत में हैं
बाबरी मस्जिद विध्वंस
कुछ साल पहले तक समाजवादी पार्टी यदा-कदा अयोध्या में ढहाई गई बाबरी मस्जिद को फिर से बनाए जाने की माँग करती रही थी. ख़ुद तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव ने 6 दिसंबर 1992 के बाद पूरे देश को भरोसा दिलाया था कि बाबरी मस्जिद का निर्माण उसी जगह पर करवाया जाएगा.
पर आज बाबरी मस्जिद ध्वंस के 25 बरस बाद ये चर्चा तो हो रही है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के क्या क्या तरीक़े होंगे, पर मस्जिद निर्माण पर कोई बात नहीं होती.
न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह लिब्रहान को मस्जिद ढहाए जाने के मामले की जाँच का काम सौंपा गया था और उन्होंने गहन पड़ताल के बाद नतीजा निकाला कि बाबरी मस्जिद को बारीक षडयंत्र रचकर ढहाया गया था. इस साज़िश में आरएसएस, भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद के कई बड़े नेताओं को शामिल बताया गया.
आडवाणी-जोशी पर बाबरी मामले में चलेगा केस
बाबरी मस्जिद विवाद में अब कोर्ट ने क्या कहा?
लिब्रहान आयोग
जस्टिस लिब्रहान ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में यही कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को विवादित स्थल पर मालिकाने के मामले की सुनवाई तभी शुरू करनी चाहिए जब बाबरी मस्जिद को ढहाने की साज़िश पर साफ़ फ़ैसला आ जाए. मूल अपराध मस्जिद ढहाना था.
जस्टिस लिब्रहान के इस बयान पर क्या किसी राजनीतिक पार्टी ने कोई प्रतिक्रिया ज़ाहिर की?
जिस काँग्रेस के प्रधानमंत्री ने बाबरी मस्जिद को फिर से बनाने का वचन दिया था, उन्होंने लिब्रहान आयोग के सामने ही इस बयान से यह कह कर पल्ला झाड़ लिया था कि जब मामला अदालत में चल रहा हो तो मस्जिद निर्माण की बात कैसे कही जा सकती है!
'अयोध्या में मंदिर बने, मस्जिद कहीं और बने'
बीजेपी को अयोध्या मसला सुलझाने की क्या जल्दी पड़ी है?
सबसे पुरानी पार्टी
अब जब जस्टिस लिब्रहान कह रहे हैं कि अयोध्या में विवादित ज़मीन के मालिकाना हक के सवाल को हल करने से पहले बाबरी मस्जिद तोड़ने की साज़िश का फ़ैसला किया जाए, तो अदालतों सहित कितने लोगों ने उनकी बात का नोटिस लिया?
सोशल मीडिया ट्रोलिंग के ज़माने में बाबरी मस्जिद को फिर से बनाए जाने का ज़िक्र करना भी ख़तरे से ख़ाली नहीं है. जब देश की सबसे पुरानी पार्टी काँग्रेस ही अपने नेता राहुल गाँधी को 'जनेऊधारी हिन्दू' साबित करने के लिए शीर्षासन कर रही हो तो उसे पीवी नरसिंहाराव के वायदे की याद दिलाना बेमानी ही साबित होगा.
इसकी वजह ये है कि 1992 में दिसंबर के छठे दिन भारतीय राजनीति ही नहीं बल्कि भारतीय समाज ख़ास तौर पर हिंदू समाज में यकायक बहुत बड़ा बदलाव आया था.
श्री श्री बिन बुलाए क्यों जा रहे हैं अयोध्या?
अयोध्या केस- आडवाणी, जोशी के ख़िलाफ़ आरोप तय
राम जन्मभूमि की राजनीति
पर आने वाले कई बरसों तक इस बदलाव के बारीक असर को महसूस नहीं किया जा सका क्योंकि बाबरी मस्जिद तोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल से भारतीय जनता पार्टी का सफ़ाया हो गया था. बहुत से विश्लेषकों ने इस चुनावी नतीजे को राम जन्मभूमि की राजनीति को ख़ारिज कर दिए जाने के तौर पर देखा गया.
लेकिन 'हिन्दू अस्मिता' को जगाने के लिए देश के कोने कोने में फैले संघ प्रचारकों का काम इस चुनावी हार से लेशमात्र को भी रुका नहीं.
अब तक जो हिंदू अपने घर के कोने में पूजाघर बनाकर अपने आराध्य को याद करके संतुष्ट रहते थे और तीर्थयात्रा जिनके लिए अस्मिता का प्रश्न था ही नहीं, उन्हें भी ये महसूस होने लगा कि बाबरी मस्जिद तोड़कर उसकी जगह राम मंदिर के निर्माण से ही इतिहास में हिंदुओं पर 'सैकड़ों वर्षों तक हुई ज़्यादतियों' का बदला लिया जा सकता है.
अयोध्या केवल राम मंदिर बनेगा, लक्ष्य के क़रीब: मोहन भागवत
राम मंदिर पर श्री श्री की पहल के पीछे क्या है?
भारतीय जनता पार्टी ब्रांड
अब राजनीति में सक्रिय समाजशास्त्री योगेंद्र यादव धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक पार्टियों की इस दुविधा के लिए दोषी ठहराते हैं. वो कहते हैं कि व्यापक समाज के मन को समझे बिना भारतीय जनता पार्टी ब्रांड की राजनीति का जवाब नहीं दिया जा सकता.
वो मानते हैं कि अगर भारतीय जनता पार्टी को आप राष्ट्रवाद और सांप्रदायिकता के सवाल पर घेरने की कोशिश करेंगे तो वो उतनी ही ज़्यादा मज़बूत होगी.
यादव मानते हैं कि पहलू ख़ान, जुनैद और अख़लाक़ की मौत जैसे मुद्दों को उठाना ज़रूरी है लेकिन भारतीय जनता पार्टी और उसकी राजनीति को कमज़ोर करने के लिए ये काफ़ी नहीं है. इन मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रखने से बीजेपी के विचार को संजीवनी मिलेगी और यही संघ परिवार चाहता भी है.
छाती ठोक कर हिंदुत्व का समर्थन करने वाले ठाकरे
पहली बार श्री श्री को लेकर नहीं हो रहा विवाद
एमआइएम के असदुद्दीन ओवैसी यही काम कर रहे हैं. वो संघ परिवार के उग्र हिंदुत्व का काउंटर तैयार करना चाहते हैं इसीलिए सीधे सीधे सरसंघचालक मोहन भागवत को चुनौती देते हैं. पर क्या वो जानते हैं कि उनकी इस चुनौती से सरसंघचालक भागवत चिढ़ने या कुपित होने की बजाए अपनी झबरी मूछों के नीचे मुस्कुराते होंगे?
-
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Who is Aryaman Birla Wife: RCB के नए चेयरमैन आर्यमन बिड़ला की पत्नी कौन है? Virat Kohli की टीम के बने बॉस












Click it and Unblock the Notifications