Ayodhya Verdict: कोर्ट के फैसले के 30 दिन के भीतर दायर करेंगे पुनर्विचार याचिका- जफरयाब जिलानी
लखनऊ। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आज अहम बैठक हुई। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला लिया गया है। बोर्ड की बैठक के बाद जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। हम शरिया कानून के अनुसार किसी तरह की जमीन का टुकड़ा स्वीकार नहीं कर सकते हैं, हमे बाबरी मस्जिद की वही जमीन चाहिए। जिलानी ने कहा कि हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे कि अयोध्या फैसले के तीस दिन के भीतर पुनर्विचार याचिका दायर करें।

जिलानी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई पांच एकड़ जमीन को स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि यह शरिया कानून के खिलाफ है। बता दें कि जफरयाब जिलानी सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील है। उन्होंने बोर्ड की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में य ह अहम बाते कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मौलाना रहमान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कई विरोधाभासी बातें कही गई हैं। शरिया के अनुसार मस्जिद वहीं पर रहती है जहां उसका एक बार निर्माण हो जाता है। शरिया में इस बात की इजाजत नहीं है कि हम मस्जिद के बदले किसी तरह की जमीन, पैसा स्वीकार करें।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक तकरीबन तीन घंटे तक चली। बैठक के बाद जमीयत उलेमा हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि हमें मालूम है रिव्यू पेटिशन 100 फीसदी खारिज कर दी जाएगी, लेकिन फिर भी हमारा यह हक है। इससे पहले मदनी ने कहा था कि कोर्ट का फैसला समझ से परे है। कानून और न्याय की नजर में वहां बाबरी मस्जिद थी और है और कयामत तक मस्जिद ही रहेगी, फिर चाहे उसको कोई भी नाम या स्वरूप क्यों न दे दिया जाए।












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