मूल नक्शे से 20 फीट क्यों बढ़ाई जा रही है राम मंदिर की ऊंचाई?
नई दिल्ली। अयोध्या में भगवान राम मंदिर के भव्य मंदिर निर्माण के तमाम कार्यक्रम तय हो चुके हैं। 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन की तारीख को तय किया गया है। रामलला ट्रस्ट की ओर से 5 अगस्त की तारीख को तय किया गया है और इस भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता दिया गया है। मंदिर के आर्किटेक्ट का कहना है कि यह मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा। आर्किटेक्ट के अनुसार 1988 में मंदिर का जो मॉडल तैयार किया गया है उसकी तुलना में अब बनने वाले मंदिर की ऊंचाई को बढ़ाया गया है। पहले इस मंदिर की ऊंचाी141 फीट तय की गई थी, लेकिन अब इसकी ऊंचाई में बढ़ोतरी की गई है।

20 फीट बढ़ाई गई है मंदिर की ऊंचाई
मंदिर के आर्किटेक्ट निखिल सोमपुरा का कहना है कि पहले 1988 में मंदिर का जो डिजाइन तैयार किया गया था उसकी ऊंचाई कम थी। 30 साल बाद इस मंदिर का निर्माण होने जा रहा है, जिसकी वजह से जमीन की ऊंचाई बढ़ गई है, यही वजह है कि मंदिर के मूल नक्शे से इस मंदिर की ऊंचाी 20 फीट बढ़ाई जा रही है। इसके बाद मंदिर की ऊंचाई को 20 फीट बढ़ाकर 161 फीट किया गया है। इसके अलावा मंदिर के डिजाइन में दो मंडप को भी बढ़ाया गया है। मंदिर की पहली डिजाइन के आधार पर जो पिलर तैयार किए गए थे, उनका इस्तेमाल किया जाएगा. सिर्फ दो मंडप को इसमे जोड़ा गया है।
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3.5 वर्ष में तैयार होगा मंदिर
सोमपुरा ने बताया कि मंदिर निर्माण में 3.5 वर्ष का समय लगेगा। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भूमि पूजन हो जाए तो उसके बाद मंदिर निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। एल एंड टी की टीम इस काम में तमाम मशीनों और साजो-सामान के साथ यहां पहुंच चुकी है और भूमि पूजन के ठीक बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। मंदिर निर्माण को पूरा होने में 3 से 3.5 वर्ष का समय लग सकता है।

3 days long rituals
भूमि पूजन से पहले मंदिर निर्माम स्थल पर तीन दिनों तक वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाएगा। इस दौरान मंदिर के निर्माण से पहले होने वाले भूमि पूजन में 40 किलोग्राम चांदी की ईंटों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी नींव की ईंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे। तमाम वैदिक मंत्रोच्चारण और परंपराओं की शुरुआत 3 अगस्त से शुरू हो जाएगी। कार्यक्रम में 50 से अधिक वीआईपी के आने की अनुमति नहीं है। बता दें कि भूमि पूजन का कार्यक्रम मई माह में ही होना था, लेकिन कोरोना के चलते इसमे दो महीने की देरी हुई है।

पूरे अयोध्या में होगा कार्यक्रम का प्रसारण
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का कहना है कि इस पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूरे अयोध्या में किया जाएगा, इसके लिए पूरे अयोध्या में सीसीटीवी स्क्रीन को लगाया गया है जिससे कि श्रद्धालु मंदिर के भूमि पूजन के कार्यक्रम को देख सके। बता दें कि मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ही दी गई है।












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