Assam Manipur Floods:असम और मणिपुर में बारिश से तबाही, 56 की मौत, जान बचाने को भाग रहे जानवर, विनाशकारी- VIDEO
Assam Manipur Floods: पूर्वोत्तर भारत के असम और मणिपुर राज्यों में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। इस बाढ़ के कारण दोनों राज्यों में मरने वालों की संख्या 56 हो गई है और कई जिलों में स्थिति गंभीर है। करीब 16 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जानवर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से भाग रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस सप्ताह सभी पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में भयंकर बाढ़ आ गई है, जिसके कारण कई जानवर पार्क छोड़कर ऊंचे स्थानों पर चले गए हैं। हाथी बहुत ही सौम्य प्राणी होते हैं। असम में बाढ़ की स्थिति पर क्या बोले CM जानें?

जलमग्न कामरूप जिला
कामरूप जिले में बाढ़ की स्थिति बहुत गंभीर है। यहां के कई गांव और कस्बे जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के कारण लोगों के घर, फसलें और पशुधन नष्ट हो गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है। सरकारी और गैर-सरकारी संगठन राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
जलमग्न काजीरंगा नेशनल पार्क
लगातार बारिश के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क में भी जलस्तर बढ़ गया है। यह जलस्तर पार्क के निचले इलाकों को प्रभावित कर रहा है। बाढ़ के कारण कई वन्यजीवों को ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ रहा है। वन विभाग द्वारा बचाव और राहत कार्य जारी है। बाढ़ के कारण पार्क के कुछ हिस्सों में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा कारणों से कुछ क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां निलंबित कर दी गई हैं।
आपको बता दें कि काजीरंगा नेशनल पार्क एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और इसे एक सींग वाले गैंडे (Indian Rhinoceros) के लिए जाना जाता है। यहां अन्य जीव-जंतुओं जैसे हाथी, बाघ, जंगली भैंस और हिरण की भी बड़ी संख्या पाई जाती है। यह पार्क पक्षियों के लिए भी प्रसिद्ध है। काजीरंगा पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है, जो यहां की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों को देखने के लिए आते हैं।
अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने के कारण आई बाढ़?
ऐसे में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कामरूप जिले में बाढ़ की स्थिति और गरल भट्टापारा गांवबुराह घाट की समीक्षा की। इस दौरान कहा कि राज्य में बाढ़ की विनाशकारी दूसरी लहर मुख्य रूप से पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने के कारण आई है। बिस्वा ने कहा कि बाढ़ की स्थिति राज्य के नियंत्रण से बाहर है, उन्होंने इसके लिए भौगोलिक कारकों को जिम्मेदार ठहराया।
मंत्री ने की ये अपील
वहीं, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर असम के जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि काजीरंगा में जलस्तर बढ़ने पर वे सुरक्षित आश्रय की तलाश में बाहर निकल आते हैं। मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि NH 715 पर उन्हें जाने दें और सुरक्षित, धीमी और जिम्मेदारी से वाहन चलाएं।
बछड़े को बचाने में जान जोखिम में!
इसी तरह, सोशल मीडिया पर अन्य लोगों ने दिल दहला देने वाले वीडियो साझा किए हैं। जिसमें असम में आई विनाशकारी बाढ़ की तस्वीरें सामने आई हैं। दुलियाजान के मुकुट पाठक डूबते हुए बछड़े को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। कई लोगों की मौत और व्यापक पीड़ा के साथ, पूरा राज्य चुपचाप इस त्रासदी को झेल रहा। वहीं, कार्बी आंगलोंग में कुछ लोगों ने एक हॉग डियर को बचाया। उनकी त्वरित कार्रवाई की बदौलत, यह सुंदर प्राणी अब सुरक्षित और स्वस्थ है।












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