असम में बाढ़ से तबाही, अब तक 85 लोगों की मौत, मदद करने को तैयार UN
नई दिल्ली। मानसून की बारिश की वजह से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है तो वहीं कुछ इलाकों में बाढ़ का कहर छाया हुआ है, असम की स्थिति काफी भयानक हो गई है,यहां पर बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 85 लोग जान गंवा चुके हैं, तो वहीं 24,48,128 लोग प्रभावित हैं तो वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव के एक प्रवक्ता ने कहा है कि यदि आवश्यकता हुई तो यूएन भारत की मदद करने को तैयार है।
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स्टीफन दुजारिक ने कहीं बड़ी बात
महासचिव के प्रवक्ता, स्टीफन दुजारिक ने दैनिक प्रेस वार्ता में कहा कि हमारे सहयोगियों ने हमें बताया कि भारत के असम में मानसून की बारिश से भारी बाढ़ के कारण बहुत सारे लोग प्रभावित हो गए हैं। यदि आवश्यकता हुई तो हम भारत सरकार की मदद करने को तैयार हैं।

काजीरंगा नेशनल पार्क में अब तक 108 जानवरों की मौत
असम राज्य आपदा प्रबंधन ने कहा है कि राज्य में 40 लोगों की मौत भूस्खलन में हुई है, तो वहीं इस बाढ़ की वजह से काजीरंगा नेशनल पार्क में अब तक 108 जानवरों की मौत हो चुकी है, हालांकि 132 जानवरों को बचाया गया है।

तमाम शहर और गांव बाढ़ के पानी डूब गए
तो वहीं तमाम शहर और गांव बाढ़ के पानी डूब गए हैं, धीमाजी, लखीमपुर, विश्वनाथ, सोनितपुर, उदलगुरी, दरांग, बक्सा, नलबारी, बारपेटा, चिरांग, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, गोलपारा, कामरूप, मोरीगांव, नौगांव, पश्चिमी कार्बी आंगलांग, गोलघाट, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया जिलों में लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी का बढ़ा जलस्तर
तो वहीं ब्रह्मपुत्र नदी अपनी सामान्य स्तर से कहीं ज्यादा ऊपर बह रही है, इसकी सहायक नदियां भी खतरे के निशान के ऊपर ही हैं, सड़क और अन्य निर्माण कार्य भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।












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