Assam Flood : 27 जिलों के 22 लाख से अधिक लोग प्रभावित, दो महीने में 174 मौतें
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 27 जिलों के 22.17 लाख लोग प्रभावित हैं। अब तक 170 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
गुवाहाटी, 03 जुलाई : असम में बाढ़ (Assam Flood) के कारण 27 जिलों के लगभग 22.17 लाख लोग प्रभावित हैं। अब तक 170 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 34 में से 27 जिलों के कम से कम 1,934 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। अप्रैल के बाद से बाढ़ और वर्षाजनित हादसों में मरने वालों की तादाद बढ़ रही है। कछार जिले में डूबने से एक और मौत की सूचना मिली है। कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार हुआ है। प्रमुख नदियों के जलस्तर में कमी आई है। हालांकि ब्रह्मपुत्र, कोपिली, दिसांग और बुरहीडीहिंग कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर ही बह रहे हैं। जानिए बाढ़ से जुड़ी ताजा अपडेट्स

Assam Floods : जलमग्न हुआ अधिकांश भूभाग
दरअसल, असम में इस साल अप्रैल में आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद से बाढ़ और भूस्खलन की कई घटनाएं हुई हैं। मरने वालों की कुल संख्या 174 हो गई है। असम के 34 में से 27 जिलों के कम से कम 1,934 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। कछार सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक है, जिसमें लगभग 12.32 लाख लोग अभी भी प्रभावित हैं, इसके बाद नगांव में लगभग 3.79 लाख और बारपेटा में 22.08 लाख से अधिक लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
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23 जिलों में राहत शिविरों के इंतजाम
असम के बाढ़ प्रभावित जिलों में जिला अधिकारियों ने 23 जिलों में 404 राहत शिविर लगाए हैं। इसमें 2,77,335 लोगों ने शरण ली है। 138 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की जा रही है।

बाढ़ के कारण फसल को नुकसान
बाढ़, बारिश और जलजमाव के कारण प्रभावित असम के जिलों में 50,714 हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद होने की आशंका है। इतनी खेती की जमीन पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। सैकड़ों घरों, सड़कों, पुलों, पुलियों, सिंचाई नहरों और तटबंधों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ से 7,81,780 घरेलू पशुओं और मुर्गी पालन पर भी मार पड़ी है।

CM हिमंत बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे
असम की रेस्क्यू एजेंसियां- राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), अग्निशमन और आपातकालीन सेवा (F&ES), राज्य पुलिस के कर्मियों, स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के अलावा, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) लोगों को राहत पहुंचाने में जुटे हैं। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सरकार हरसंभव मदद का आश्वासन दे रही है। खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच जाते देखा जा चुका है। पीटीआई की ओर से जारी एक तस्वीर में CM हिमंत राहत शिविरों में पीड़ितों के बीच खाने का बंटवारा करते भी दिखे हैं।

कई इलाकों में संपर्क टूटा, रेस्क्यू के प्रयास तेज
असम में बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करने के बाद, अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT), गृह मंत्रालय (MHA) की दोनों टीमों ने राज्य सरकार, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर हालात की समीक्षा की। एयरफोर्स, NDRF, SDRF, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL), और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने भी शनिवार को बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की।












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