Elephant Death: ट्रेन की चपेट में आया हाथी, बार-बार खड़े होने की कोशिश, फिर भी आ गई मौत, रूला देगा वीडियो
असम के गुवाहाटी का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। जिसमें एक वयस्क हाथी को ट्रेन से टकराने के बाद गंभीर रूप घायल हो गया। चपेट में आने के बाद बार-बार खड़े होने की कोशिश करता रहा। लेकिन, यह संघर्षकारी जीव धीरे-धीरे अपनी जान गंवा देता है।
घटना के वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक विशालकाय हाथी, ट्रेन की चपेट में आने के बाद भी मौत को मात देने की कोशिश में लगा रहा। अंत तक, हिम्मत नहीं छोड़ी। लेकिन उसकी चोटें इतनी गंभीर होती हैं कि वह सफल नहीं हो सका। उसके पेट से खून बह रहा है, और कुछ ही क्षणों बाद वह गिर जाता है और मर जाता है। यह घटना में हाथी की बार-बार खड़े होने की कोशिश, उसकी जीवटता और दर्द को बयां करती है। आइए जानते हैं पूरा मामला?

यह घटना बुधवार सुबह करीब पांच बजे गुवाहाटी के बाहरी इलाके मोरीगांव जिले में जगीरोड रेलवे स्टेशन के पास घटी।
यह हाथी, एक अन्य हाथी के साथ, अपने झुंड से भटक गया था और तेघेरिया में सिलचर जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस की चपेट में आ गया था। जबकि अन्य हाथी पटरियों को पार करने में कामयाब रहे, यह हाथी घातक रूप से घायल हो गया।
पोस्टमार्टम में सिर पर लगी चोटों के कारण हुई मौत
रेलवे कर्मियों और स्थानीय निवासियों ने हाथी के शव को तुरंत पटरियों से हटा दिया, जिससे ट्रेन सेवाएं बिना किसी महत्वपूर्ण व्यवधान के फिर से शुरू हो गईं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि हाथी की मौत गंभीर आंतरिक चोटों, खासकर उसके सिर पर लगी चोटों के कारण हुई। पशु चिकित्सक पोस्टमार्टम करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।
ब्रेक लगाने से पहले ही टकरा गया हाथी
कर्नाटक के बाद भारत में हाथियों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले असम में पहले भी ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के एक अधिकारी के अनुसार, यह दुर्घटना सुबह 4:52 बजे के आसपास हुई। सुबह का समय होने के कारण लोको-पायलट को समय रहते हाथी का पता नहीं चल पाया, हालांकि आखिरी समय में ट्रेन की गति कम करने के प्रयास किए गए।
10 साल में 186 हाथियों की मौत ट्रेन से टकराने से
भारत में ट्रेन से टकराकर हाथियों की मौत की घटनाएं चिंताजनक हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ सालों में इस समस्या की गंभीरता स्पष्ट हुई है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 2010-2020 के बीच लगभग 186 हाथियों की मौत ट्रेन से टकराने के कारण हुई है।
राज्यों के अनुसार आंकड़े
- असम: 70 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं।
- पश्चिम बंगाल: 60 से अधिक घटनाएं।
- ओडिशा: 50 से अधिक घटनाएं।
- केरल: 20 से अधिक घटनाएं।












Click it and Unblock the Notifications