असम में घूस देकर पीसीएस व अन्य सेवाओं में चयनित 15 अधिकारियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
गुवाहाटी। असम में पैसे देकर नौकरी हासिल करने के मामले में पुलिस ने प्रदेश के 15 पीसीएस अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमे ना सिर्फ मौजूदा पीसीएस अधिकारी शामिल हैं बल्कि कई पुलिस के आला अधिकारी व अन्य सेवाओ में तैनात अधिकारी भी शामिल हैं। इन तमाम लोगों पर आरोप है कि इन लोगों ने पैसा देकर नौकरी हासिल की है। इसके अलावा माना जा रहा है कि अगले एक दो दिनों में 12 अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वह सभी लोग 2015 में असम पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा चुने गए थे।

जिस तरह से पैसा देकर नौकरी हासिल करने के मामला सामने आया है उसने प्रदेश के पब्लिक सर्विस कमीशन को हिला कर रख दिया है, पिछले वर्ष भी कमीशन के चेयरमैन राकेश पॉल और दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। भ्रष्टाचारा विरोधी यह अभियान भाजपा की महज एक साल की सरकार के कार्यकाल में पहली बार हुआ है, जब इतने बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जिन 13 आईएएस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है उनकी उत्तर पुस्तिका में संदेह था, जिसके बाद इनके खिलाफ जांच हुई और इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फॉरेंसिक साइंस की जांच में इनकी उत्तर पुस्तिका फर्जी साबित हुई। इससे पहले तीन अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया था, ये तीनों अधिकारी एपीएससी द्वारा चयन किए गए थे, ये उत्तर पुस्तिकाएं राकेश पॉल के घर से बरामद की गई हैं। सूत्रों की मानें तो इन फर्जी उत्तर पुस्तिकाओं में उम्मीदवारों के नंबर के साथ छेड़छाड़ की गई है, हैंडराइटिंग टेस्ट में यह साबित हुआ है कि यह अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा लिखी गई है।
जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पॉल ने उम्मीदवारों से काफी ज्यादा कैश रुपए लेने के बाद उनके लिए फर्जी उत्तर पुस्तिकाएं मुहैया कराता था। वह इसके लिए अलग से फर्जी परीक्षा कराता था, इस दौरान वह उम्मीदवारों को मौका देता था कि वह अपनी उत्तर फिर से लिख सके ताकि उनके नंबर बढ़ाए जा सके। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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