भाजपा सरकार में नहीं बचा कोई लोकतंत्र, मेरी हत्या की हो रही साजिश: अखिल गोगोई
गुवाहाटी। असम के एक्टिविस्ट और कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगोई बुधवार को 105 दिन बाद ग्वालपारा जिले की जेल से रिहा हो गए। किसान नेता गोगोई पर अलग-अलग पुलिस थानों में देशद्रोह सहित कुल 12 मामले दर्ज किए गए थे। अखिल गोगोई को गोलाघाट जिले में एक सभा में विवादास्पद बयान देने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में अखिल पर देशद्रोह का एक मामला भी पुलिस ने दायर किया था।

जमानत के बाद फिर से किया था गिरफ्तार
पिछले 105 दिनों से अखिल डिब्रूगढ़ और गोलाघाट की जेल में बंद थे। देशद्रोह के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बरी कर दिया जिसके बाद अखिल की रिहाई का रास्ता साफ हुआ। गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले के बाद डिब्रूगढ़ न्यायालय से भी अखिल को जमानत मिल गई। शनिवार को अखिल के जेल से बाहर आते ही ग्वालपारा जिले की पुलिस ने नेमप्लेट पर कालिख पोतने के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार कर फिर से जेल भेज दिया था।

भाजपा सरकार में नहीं बचा है लोकतंत्र
अखिल गोगोई ने जेल से बाहर आने के बाद कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार दुर्घटना का रूप देकर उनकी हत्या करा सकती है। गोगोई ने कहा कि मौजूदा सरकार नहीं चाहती कि मैं या कृषक मुक्ति संग्राम समिति का कोई सदस्य जिंदा रहे। अखिल ने कहा कि असम में इस समय किसी भी तरह का कोई लोकतंत्र नहीं बचा है।

लगातार हो रही मेरी हत्या की कोशिश: गोगोई
अखिल ने कहा कि जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो पुलिस उन्हें हाईवे से लेकर नहीं गई बल्कि खाली सड़क के जरिए उन्हें थाने ले जाया गया। उन्होंने कहा कि ये सब मेरी हत्या की कोई योजना के तहत किया गया लेकिन पुलिस कामयाब नहीं हुई। गोगोई ने कहा कि आज की स्थिति ऐसी है कि कभी भी किसी की हत्या की जा सकती है।












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