Asom Mala 2.0: हाई-स्पीड कॉरिडोर से गुवाहाटी समेत नॉर्थ ईस्ट में बिछेगा सड़कों का जाल, ग्लोबल होगा असम!
Asom Mala 2.0 Assam Infrastructure: असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा हाल ही में दावोस से प्रदेश के लिए बड़ा निवेश लेकर लौटे हैं। कुछ ही महीनों में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इस बार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और विकास अहम मुद्दे पह सकते हैं। खास तौर पर प्रदेश की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में महत्वाकांक्षी योजना 'असोम माला 2.0' (Asom Mala 2.0) की सबसे ज्यादा चर्चा रहने वाली है। इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत राज्य में करीब 1000 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाया जाएगा।
असम के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है। गुवाहाटी की कनेक्टिविटी प्रदेश के ऊपरी हिस्सों से बेहतर होगी और पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक भी देश के बाकी हिस्सों से पहुंचना आसान होगी।

Asom Mala 2.0 Assam Infrastructure: पूरे राज्य में बिछेगा सड़कों का जाल
- इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य असम के सुदूर औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि केंद्रों और जनजातीय इलाकों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर राज्य के लिए "समृद्धि का मार्ग" साबित होगा।
- इससे न केवल लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, बल्कि पड़ोसी राज्यों और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापार के नए रास्ते भी खुलेंगे। यह पहल केंद्र सरकार की "एक्ट ईस्ट पॉलिसी" को भी मजबूती देगी।
- पीएम नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि असम को दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसके लिए नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाना जरूरी है।
Asom Mala 2.0: नाबार्ड दे रहा परियोजना के लिए वित्तीय सहायता
करीब 3,000 करोड़ रुपये के प्रारंभिक बजट के साथ शुरू होने वाली इस परियोजना को वित्तीय सहायता नाबार्ड (NABARD) की ओर से मिल रही है। इस कॉरिडोर का निर्माण आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि आम लोगों के लिए सफर करना आरामदेह अनुभव हो। साथ ही, यह भारी वाहनों और हाई-स्पीड ट्रैफिक का भार वहन करने में सक्षम हो। सड़कों को क्लाइमेट रेजिलिएंट डिजाइन पर तैयार किया जाएगा, जिससे मानसून और बाढ़ के दौरान भी राज्य की आर्थिक गतिविधियां बाधित न हों।
Assam Chunav में असोम माला 2.0 अहम मुद्दा
असोम माला 2.0 के तहत बनने वाला यह कॉरिडोर गुवाहाटी, जगीरोड (जहां सेमीकंडक्टर हब विकसित हो रहा है) और ऊपरी असम के चाय बागानों जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगा। यह कॉरिडोर जोगीघोपा में बन रहे भारत के पहले इंटरनेशनल मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक पार्क को फीडर रोड के रूप में सपोर्ट करेगा, जिससे असम की लॉजिस्टिक क्षमता कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। असम के चुनाव में यह प्रोजेक्ट चर्चा का विषय रहने वाला है। बीजेपी जहां इसे विकास का माइलस्टोन बताकर पेश कर रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इस प्रोजेक्ट में असम की जलवायु और जंगलों की कटाई के अलावा भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रही है।












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