अशोक स्तंभ के अनावरण पर ओवैसी ने जताई आपत्ति, बोले- PM मोदी ने संवैधानिक मानदंडों का किया उल्लंघन
पीएम मोदी ने सोमवार को संसद के नए भवन की छत पर 20 फीट ऊंचे अशोक स्तंभ का अनावरण किया।
नई दिल्ली, 11 जुलाई : पीएम मोदी ने सोमवार को संसद के नए भवन की छत पर 20 फीट ऊंचे अशोक स्तंभ का अनावरण किया। इसको लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन किया है।
Recommended Video

कार्यक्रम के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। ओवैसी ने कहा कि लोकसभा का अध्यक्ष लोकसभा का प्रतिनिधित्व करता है, जो सरकार के अधीन नहीं है। पीएम ने सभी संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन किया है। इस मौके पर शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी भी मौजूद थे।
9500 किलोग्राम वजन का है
रिपोर्टों के अनुसार, अशोक स्तंभ 9500 किलोग्राम वजन का है और 6.5 मीटर ऊंचा है। यह कांस्य से बना है। इसे नए संसद भवन के सेंट्रल फ़ोयर के शीर्ष पर लगाया गया है। सरकार ने कहा कि नए संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक की ढलाई की अवधारणा स्केच और प्रक्रिया मिट्टी मॉडलिंग और कंप्यूटर ग्राफिक्स से लेकर कांस्य कास्टिंग और पॉलिशिंग तक की तैयारी के आठ अलग-अलग चरणों से गुजरी है।
6.5 मीटर ऊंचा
रिपोर्टों के अनुसार, प्रतीक 9,500 किलोग्राम वजन और 6.5 मीटर ऊंचाई के साथ कांस्य से बना है। इसे नए संसद भवन के सेंट्रल फ़ोयर के शीर्ष पर कास्ट किया गया है। प्रतीक को सहारा देने के लिए लगभग 6,500 किलोग्राम वजन वाले स्टील की एक सहायक संरचना का निर्माण किया गया है।
नए भवन में लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता
राष्ट्रीय प्रतीक (National Emblem) के अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नई संसद के निर्माण में लगे कार्यकर्ताओं से भी बातचीत की। नए भवन में लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा में सदस्यों के लिए 384 सीटें होंगी।












Click it and Unblock the Notifications