गृहमंत्री शिंदे के सिर का दर्द बने अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सोमवार की रात तक प्रदर्शन जारी रहा। दिल्ली पुलिस के रवैये के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाते हुए अपने मंत्रियों और लगभग 1,000 समर्थकों के साथ केजरीवाल रेल भवन के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। असल में खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद दिल्ली समेत कई राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। ऐसे में धरने से ज्यादा टेंशन आतंकी हमले का है। लिहाजा शिंदे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस संबंध में बात की है।
केजरीवाल की डिमांड ह वह चाहते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्रालय दिल्ली पुलिस के पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे, जिन्हें उनकी सरकार दोषी मानती है। मुख्यमंत्री ने आवेश में खुद को 'अराजकतावादी' बताया। अप्रत्याशित रूप से रेल भवन के सामने धरना दिया और अपनी बात रखते हुए आवेश में कहा, "हां, मैं अराजकतावादी हूं।" वह चाहते हैं कि दिल्ली पुलिस उनके नियंत्रण में हो। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दिल्ली सरकार की मांग को खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है, इसलिए वाशिंगटन डीसी की तरह यहां की पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है। उन्होंने केजरीवाल से मुख्यमंत्री के पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए धरना-प्रदर्शन से खुद को अलग रखने का आग्रह किया।
शिंदे ने यह घोषणा भी की कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग तीन पुलिस थानों के एसएचओ और दो सहायक पुलिस आयुक्तों के खिलाफ न्यायिक जांच के आदेश दे चुके हैं। जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जानी चाहिए। आक्रोशित केजरीवाल ने शिंदे की अपील ठुकरा दी। उन्होंने कहा कि जांच होती रहे, मगर इसी बीच उन पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए जिन्हें दिल्ली सरकार दोषी मानती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वह 10 दिनों तक धरना देने की तैयारी करके आए हैं।
धरने के दौरान ही केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने अपना कार्यालयी कामकाज भी शुरू कर दिया। उन्होंने फाइलें पढ़ीं और हस्ताक्षर किए। केजरीवाल के धरने को देखते हुए रायसीना रोड पर 2000 अतिरिक्त जवान तैनात कर दिये गये हैं। यानी कुल 4000 से ज्यादा जवान तैनात हैं। सभी पुलिसकर्मयों की छुटि्टयां रद्द कर दी गई हैं। पुलिसकर्मियों की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है और रफी मार्ग और रायसीना रोड पर नाकेबंदी कर दी गई है, जो नार्थब्लाक की तरफ जाती है।
धरने के बावजूद चलती रहेगी दिल्ली सरकार
केजरीवाल ने कहा कि प्रदर्शन से दिल्ली सरकार का कामकाज बाधित नहीं होगा। केजरीवाल ने कहा, "इस प्रदर्शन से दिल्ली सरकार का कामकाज प्रभावित नहीं होगा। हम पहले की तरह अपना काम करते रहेंगे।" केजरीवाल ने कहा कि सरकार का कामकाज निर्बाध रूप से चलता रहेगा, सिर्फ जगह बदली है। उन्होंने कहा, "मैंने दो-चार दस्तावेजों पर (यहीं बैठे) दस्तखत किए हैं।"
उन्होंने कहा कि वह 10 दिनों तक धरना देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आम लोगों और ईमानदार पुलिसकर्मियों को उनके प्रदर्शन से जुड़ने और कर्तव्य निष्पादन में असफल रहे पांच पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने की अपील की। आप ने पुलिस अधिकारियों पर दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती के निगरानी छापे में उनकी मदद न करने और दहेज के एक मामले में मंत्री राखी बिरला की शिकायत पर उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
यूगांडा से आया ई-मेल
यूगांडा की जिस टीम के पत्र का हवाला अरविंद केजरीवाल दे रहे हैं, उस पर यूगांडा के एक्सटरनल अफेयर्स विभाग ने कहा है कि ऐसी कोई चिठ्ठी केजरीवाल या उनकी टीम के किसी सदस्य को दी गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन के अनुसार युगांडा के उच्चायोग ने पुष्टि की है कि उन्होंने दिल्ली सरकार के किसी भी व्यक्ति को कोई चिट्ठी नहीं लिखी है, जिसमें दिल्ली के अंदर देह व्यापार व ड्रग्स के धंधे की बात कही गई हो।
हिरासत में मंत्री सौरभ भारद्वाज
दिल्ली पुलिस ने परिवहन मंत्री सौरभ भारद्वाज को हिरासत में ले लिया। सौरभ केजरीवाल के साथ धरने पर बैठे थे। हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने सौरभ भारद्वाज को छोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि सौरभ भारद्वाज खुद कार में आकर बैठे थे।












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