दिल्ली में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका, 20 AAP विधायकों की सदस्यता पर लटकी तलवार
नई दिल्ली। दिल्ली में सत्ता संभाल रही आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता जाना लगभग तय लग रहा है। चुनाव आयोग ने इस मामले में अहम बैठक की जिसमें सूत्रों के मुताबिक विधायकों की सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा राष्ट्रपति कार्यालय को भेज दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में चुनाव आयोग की ओर से शुक्रवार को अहम बैठक हुई जिसमें आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश चुनाव आयोग ने की है। चुनाव आयोग का ये फैसला राष्ट्रपति कार्यालय को भेजा गया है, वहीं से इस फैसले पर आखिरी मुहर लगेगी।

AAP विधायकों पर बड़ा फैसला
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता पर निर्वाचन आयोग अहम बैठक की, जिसमें उनकी सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की गई है। इस बैठक में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता के मामले में जरूरी रिपोर्ट राष्ट्रपति कार्यालय को भेजा जाएगा। हालांकि चुनाव आयोग ने जिस तरह से 20 विधायकों को सदस्यता रद्द करने का फैसला दिया है ये दिल्ली की केजरीवाल सरकार के लिए बड़ा झटका है।

दिल्ली में चुनाव आयोग की बैठक
ऐसी चर्चा है कि वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त अचल कुमार ज्योति का कार्यकाल इसी महीने की 23 जनवरी को समाप्त हो रहा है। ऐसे में उनकी उपस्थिति में ही इस मामले की सुनवाई पूरी करने की कवायद की जा रही है। यही वजह है कि चुनाव आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष ही पूरे मामले की सुनवाई के बाद रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजने के लिए ये बैठक हुई। चुनाव आयोग की ओर से अनुशंसा राष्ट्रपति कार्यालय को भेज दी गई है।

मई 2015 से लंबित है मामला
इस मामले में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने पिछले गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति से मुलाकात की थी और आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को कथित रूप से संसदीय सचिव के लाभ के पद पर काबिज रहने के कारण जल्द से जल्द अयोग्य ठहराने की मांग की थी। कांग्रेस ने इस मामले में देरी को लेकर सीईसी को अवगत कराया क्योंकि ये मामला मई 2015 से लंबित है। अजय माकन ने इस संबंध में सीईसी एके ज्योति को एक ज्ञापन भी दिया था।

राष्ट्रपति कार्यालय ही लेगा आखिरी फैसला
पूरे मामले पर गुरुवार को पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस मुद्दे पर टिप्पणी से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा में 20 आम आदमी पार्टी के विधायकों के खिलाफ ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह पूछने पर कि क्या आयोग के फैसले को राष्ट्रपति को सूचित किया गया है, सीईसी ने कहा कि वह "उप-न्यायिक मामले पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं"।












Click it and Unblock the Notifications