अरुण गोयल के इस्तीफे पर क्या कह रहा है INDIA? चुनाव आयुक्त के फैसले को ममता ने 'वोटों की लूट' से जोड़ा
Arun Goel resigns: लोकसभा चुनावों से पहले जिस तरह से तीन सदस्यीय चुनाव आयोग एक सदस्यीय बन गया है, उससे विपक्ष में हाहाकार मचा हुआ है। जिसे जैसा समझ में आ रहा है, वह उसी हिसाब से प्रतिक्रिया दे रहा है।
दिलचस्प बात ये है कि चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति पर भी इसी तरह विवाद मचा था। पीआईएल के जरिए मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सर्वोच्च अदालत ने नियुक्ति की प्रक्रिया में जल्दबाजी पर सवाल जरूर पूछे थे। लेकिन, नियुक्ति को वैधानिक बताया था।

सीईसी से 'मतभेद' की वजह से इस्तीफा?
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अरण गोयल ने उन्हें रोकने की सारी सरकारी कोशिशों के बावजूद 'निजी कारणों' के आधार पर इस्तीफा दिया है। अटकलें खराब स्वास्थ्य की भी लगाई गईं, लेकिन शीर्ष अधिकारियों ने साफ किया है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
अलबत्ता रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह जरूर कहा गया है कि गोयल और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार के बीच कार्य को लेकर मतभेद हो सकते हैं, जो उनके पद छोड़ने की वजह हो सकती है।
वे वोटों को लूटना चाहते हैं- ममता बनर्जी
लेकिन, विपक्ष अपने-अपने चश्मे से इस इस्तीफे को देखने की कोशिश कर रहा है। मसलन, तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव और सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर दिल्ली के नेताओं (बीजेपी) और उनके शीर्ष आकाओं के दबाव के आगे न झुकने के लिए मैं अरुण गोयल को सलाम करती हूं।'
उन्होंने कहा, 'यह साबित हो गया है कि वे (मोदी सरकार) चुनाव के नाम पर क्या करना चाहते हैं। वे वोटों को लूटना चाहते हैं।'
'चुनाव आयोग खत्म होने वाली अंतिम संवैधानिक संस्थाओं में शामिल होगा'
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखे अपने पोस्ट में कह चुके हैं, 'जैसा कि मैंने पहले ही कहा है, अगर हम हमारी स्वतंत्र संस्थाओं को व्यवस्थित विनाश से नहीं रोकते हैं, हमारे लोकतंत्र को तानाशाही के माध्यम से हड़प लिया जाएगा! भारतीय चुनाव आयोग अब खत्म होने वाली अंतिम संवैधानिक संस्थाओं में शामिल होगा।'
आयोग को येस मेन से भरने की कोशिश- सिब्बल
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और सपा के सहयोग से राज्यसभा में पहुंचे कपिल सिब्बल ने कहा है, 'पिछले 10 वर्षों में ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग सरकार का विस्तारित शाखा बन चुका है।'
उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके कहा है, 'रास्ता साफ हो गया है: आयोग को येस मेन से भर दो। यह सभी संस्थाओं पर लागू होता है, जो हमारे गणराज्य के आधारस्तंभ हैं।!'
बहुत ही चिंताजनक- कांग्रेस महासचिव
वहीं कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी अरुण गोयल के इस्तीफे पर एक्स पर पोस्ट लिखकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की है।
उन्होंने लिखा है, 'दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सेहत के लिए यह बहुत ही चिंताजनक है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने इस्तीफा दे दिया है।'
उन्होंने कहा, भारतीय चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था किस तरीके से काम करता है और इसपर सरकार किस तरह से दबाव डालती है, इसको लेकर किसी भी तरह की 'कोई पारदर्शिता' नहीं है।












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