स्वतंत्र राज्य की अंतिम मुख्यमंत्री हमेशा कहलाएंगी महबूबा मुफ्ती

नई दिल्‍ली। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटा दी गई है। जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। साथ ही लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग किया गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद अब देश में कुल 9 केंद्र शासित प्रदेश हो गए हैं। इसी के साथ टीडीपी प्रमुख और जम्‍मू-कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती के नाम भी एक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। वो स्‍वतंत्र जम्‍मू-कश्‍मीर कर अंतिम मुख्‍यमंत्री कहलाएंगी। आपको बता दें कि इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि वह राज्य के विशेष दर्जें के साथ छेड़छाड़ ना करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम के नतीजे अच्छे नहीं होंगे।

स्‍वतंत्र जम्‍मू-कश्‍मीर की आखिरी मुख्‍यमंत्री थी महबूबा मुफ्ती

स्‍वतंत्र जम्‍मू-कश्‍मीर की आखिरी मुख्‍यमंत्री थी महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती स्‍वतंत्र जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य की अंतिम मुख्‍यमंत्री थीं। जम्मू-कश्मीर में भाजपा-पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद राज्यपाल शासन लगा दिया गया है। करीब एक साल से वहां राज्‍यपाल शासन है। अब जम्‍मू-कश्‍मीर स्‍वतंत्र राज्‍य नहीं रहा तो ऐसे में महबूबा मुफ्ती हमेशा स्‍वतंत्र राज्‍य की अंतिम मुख्यमंत्री कहलाएंगी। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार 1977 में राज्यपाल शासन लगाया गया था। तब कांग्रेस ने शेख अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपना समर्थन वापल ले लिया था।

जम्‍मू-कश्‍मीर की पहली महिला मुख्‍यमंत्री भी महबूबा मुफ्ती

जम्‍मू-कश्‍मीर की पहली महिला मुख्‍यमंत्री भी महबूबा मुफ्ती

साल 2016 में जब महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी उस समय उन्‍होंने एक साथ दो कीर्तिमान स्थापित किया था। एक तो वह राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बन गयी थीं। साथ ही वह देश की दूसरी महिला मुस्‍लिम मुख्यमंत्री हो गयी। सैयदा अनवरा तैमूर पहली मुस्लिम मुख्यमंत्री थीं। वह 1980 में असम की मुख्यमंत्री बनीं थीं।

महबूबा मुफ्ती के बारे में सबकुछ

महबूबा मुफ्ती के बारे में सबकुछ

महबूबा का जन्म 22 मई 1959 को कश्मीर के बिजबेहारा में हुआ था। कश्मीर की वादियों में पली बढ़ीं महबूबा ने यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर से लॉ की डिग्री प्राप्त की। 1996 के चुनाव के ठीक पहले उन्होंने राजनीति में कदम रखा। पीडीपी को जमीनी स्तर पर पॉपुलैरिटी दिलाने में उनका बड़ा रोल रहा। महबूबा ने अपना पहला विधानसभा चुनाव बतौर कांग्रेस कैंडिडेट बिजबेहरा से जीता था। 1998 में मुफ्ती मोहम्मद सईद को बतौर कांग्रेस कैंडिडेट लोकसभा चुनाव में जीत दिलाने में उनका बड़ा रोल रहा। 1999 में उन्होंने और सईद ने पीडीपी बनाई। 2002 के विधानसभा चुनाव में महबूबा ने ही जमकर कैम्पेन चलाया और पीडीपी को 16 सीटें दिलाईं। कांग्रेस के सपोर्ट से सईद सीएम बने। 2004 में मेहबूबा पहली बार सांसद बनीं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+