अर्पिता मुखर्जी: बंगाली एक्ट्रेस जिसके 'मिनी बैंक' से 'भूचाल'! कभी खुद की नहीं थी कार, 10 साल में बदली जिंदगी
नई दिल्ली, 28 जुलाई। कहते हैं दिन बदलते देर नहीं लगती। ये कहावत अर्पिता चटर्जी के लिए बिल्कुल फिट बैठती है। पहले फर्श से अर्श और अब फिर से वापस पहले की स्थिति में। कहने का मतलब ये है कि जिस गति से जो आगे बढ़ता है लौटना भी उसी तेजी होता है। अगर एक दशक पहले बंगाली बाला अर्पिता चटर्जी के जीवन की में झांके तो उनकी स्थिति ये थी कि उनके पास शूटिंग पर जाने के लिए खुद की कार नहीं होती थी। लेकिन समय आया जब उन्हें एक साथ तीन फिल्मों में काम के ऑफर मिले।
Recommended Video

नौकरी और पति को छोड़ मॉडलिंग!
अर्पिता कोलकाता के बेलघरिया इलाके के एक मिडिल क्लास परिवार की बेटी हैं। उनके पिता केंद्रीय कर्मचारी थे। अर्पिता की शादी एक बिजनेसमैन से हुई थी। लेकिन कॉलेज के दिनों से ही उन्हें मॉडलिंग का शौक था। इस बीच उनके पिता की मौत के बाद उन्हें नौकरी भी ऑफर की गई लेकिन उन्होंने अपनी शौक के आगे नौकरी और पति दोनों को छोड़ दिया और मॉडलिंग की राह पकड़ ली।

हुईं एक साथ 3 फिल्में
मॉडलिंग के शुरुआती दिनों में अर्पिता को फिल्मों में भी साइड रोल मिलने शुरू हुए। लेकिन साल 2008 में जब फिल्म डायरेक्टर संघमित्रा से उनकी मुलाकात हुई तो वो उन्हें एक्ट्रेस के रोल के लिए बेहद पसंद आईं और एक साथ 3 फिल्में ऑफर कर दीं।

सूटिंग के लिए टैक्सी से आती थीं अर्पिता
फिल्म डायरेक्टर संघमित्रा ने एक इंटरव्यू में कहा कि अर्पिता शुरुआती दिनों में बेलघरिया से टैक्सी से शूटिंग के लिए आया करती थी। बाद में एक सेकेंड हैंड कार से वो अपने काम पर आने लगी। संघमित्रा ने कहा कि ये नहीं कहा जा सकता था कि वो कार उनकी खुद खरीदी थी या फिर किसी ने गिफ्ट की थी।

10 साल में बदल गई जिंदगी
अर्पिता मुखर्जी कोलकाता की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा समिति नकतल उदयन संघ के प्रमोशनल कैंपेन का प्रमुख चेहरा थीं और पार्थ चटर्जी इसके चीफ पैट्रन थे। 2019-20 के दौरान पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी कई मौकों पर साथ नजर आए। पश्चिम बंगाल चुनाव में भी पार्थ के लिए अर्पिता ने कैंपेन भी किया था। बताया जा रहा कि भले ही ये दोनों 2 साल पहले सार्वजनिक रुप से एक साथ देखे गए लेकिन करीब 10 पहले दोनों के एक दूसरे से संपर्क थे। ED के अधिकारियों को मिले डॉक्यूमेंट के अनुसार, पार्थ और अर्पिता ने 21 जनवरी 2012 को एक साझा प्लॉट खरीदा था। इससे दोनों के रिश्ते का पता चलता है।

अर्पिता का घर पार्थ चटर्जी का 'मिनी बैंक'
अर्पिता मुखर्जी के घर को पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी मिनी बैंक के रुप में इस्तेमाल करते थे। हर दूसरे सप्ताह अर्पिता के घर उनके उनकी विजिट होती थी। लेकिन ईडी को छापेमारी वो घर ज्यादा दिन अछूता नहीं रह सका। आखिर पार्थ चटर्जी को अपनी संपत्तिया छिपाने के लिए अर्पिता का घर की क्यों सुरक्षित लगा? इसका पता तब चला जब ईडी के अधिकारियों ने अर्पिता के घर छापा मारा। लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ में अर्पिता ने ये स्वीकार किया कि पार्थ चटर्जी उसके घर को मिनी बैंक की तरह इस्तेमाल करते थे।

अर्पिता के दूसरे घर से भी 28 करोड़ जब्त
सिर्फ एक साधारण मॉडल और एक्ट्रेस दिखने वाली असल में नोट और गहनों के ढेर पर बैठी थीं। ईडी ने अर्पिता के दूसरे घर से भी 28 करोड़ जब्त किए है। वहीं अर्पिता के पास करोडों का खजाना कहां से आया इस पर जांच एजेंसियां दिन रात मंथन कर रही हैं।

इंटरटेनमेंट जगत में अर्पिता को लेकर निराशा
अर्पिता ने इंटरटेनमेंट जगत में मॉडलिंग से शुरुआत की थी लेकिन वो अब बंगाली की एक जानी मानी एक्ट्रेन बन चुकी थी। लेकिन अचानक जब मीडिया में उनके एक दूसरे सच की खबरें आईं तो उनके चाहने वाले और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में उनको लेकर निराशा छा गई।












Click it and Unblock the Notifications