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J&K: 15 वर्षों में पहली बार उरी सेक्‍टर में एलओसी पर तोपों से दिया गया पाक को जवाब

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    उरी। पिछले कुछ दिनों से भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव एक नए स्‍तर पर पहुंच गया है। लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर लगातार जारी फायरिंग ने पीर पंजाल पहाड़ों की श्रंखला में स्थित उत्‍तरी इलाकों में हालात इस समय युद्ध से कम नहींइ हैं। दिलचस्‍प बात है कि यहां पर पाक की ओर से जारी गोलीबारी का जवाब देने के लिए इंडियन आर्मी ने पिछले 15 वर्षों में पहली बार आर्टिलरी का प्रयोग किया है। सेना का यह कदम बताने के लिए काफी है कि हालात कितने तनावपूर्ण हो चुके हैं। उरी सेक्‍टर से इस लगातार फायरिंग की वजह से करीब 800 लोगों को पहले कुपवाड़ा और बारामुला शिफ्ट किया जा चुका है। इंग्लिश डेली इंडियन एक्‍सप्रेस की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।

    अब तक 411 बार तोड़ा गया युद्धविराम

    अब तक 411 बार तोड़ा गया युद्धविराम

    आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 के पहले दो माह में ही पाकिस्‍तान की ओर से 411 बार युद्धविराम तोड़ा जा चुका है। इनमें से आठ बार युद्धविराम का उल्‍लंघन पीर पंजाज रेंज में स्थित 15 कोर के जोन में हुआ है। इस माह नॉर्थ कश्‍मीर के रामपुर और उरी में हुए इन युद्धविराम उल्‍लंघनों में सेना ने 105 एमएम की तोपों का प्रयोग किया। हालांकि इनका प्रयोग कम समय के लिए हुआ था। लेकिन साल 2003 में हुए युद्धविराम के बाद यह पहला मौका था जब भारत ने तोपों से पाकिस्‍तान को जवाब दिया है। सेना तोपों का प्रयोग यहां पर आखिरी विकल्‍प के तौर पर कर रही है क्‍योंकि इंफैंट्री के पास मौजूद सभी हथियारों और मोर्टार का प्रयोग हो चुका है।

    पाक सेना ने भी किया हथियारों का प्रयोग

    पाक सेना ने भी किया हथियारों का प्रयोग

    पीर पंजाल के दक्षिण में स्थित 16वीं कोर के एलओसी वाले इलाकों में 155 एमएम की बोफोर्स तोपों समेत दूसरे हथियारों से पाक को जवाब दिया गया। सिंतबर 2016 में हुए उरी आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव बरकरार है और इसके बाद हुई सर्जिकल स्‍ट्राइक ने इस तनाव को बढ़ाने का काम किया है। आधिकारिक आंक‍ड़ों की मानें तो पाकिस्‍तान की सेना ने भी इस वर्ष एलओसी पर कई तरह के भारी हथियारों का प्रयोग किया है जिसमें 120 एमएम की मोर्टार भी शामिल है।

    एलओसी पार करने को बेकरार हैं आतंकी

    एलओसी पार करने को बेकरार हैं आतंकी

    अब तक एलओसी पर 16 आतंकियों ने घुसपैठ की चार कोशिशें की हैं जिनमें से चार आतंकियों को सेना ने मार गिराया। जबकि सात आतंकी पाकिस्‍तान की तरफ वापस लौट गए और पांच आतंकियों ने घुसपैठ में सफलता पाई है। सेना के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्‍तान ने एलओसी पर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। इस वर्ष बर्फबारी भी कम हुई है जिसकी वजह से पीर पंजाल इलाके में घुसपैठ का रास्‍ता भी खुल गया है। आतंकी, लॉन्‍चपैड पर सीमा के अंदर दाखिल होने का इंतजार कर रहे हैं। सेना इस बात को सुनिश्चित करने में लगी है कि आतंकियों को किसी भी तरह से उनके मंसूबों में कामयाब न होने दिया जाए।

    इस बार गर्मियों में बढ़ेगा घाटी का पारा

    इस बार गर्मियों में बढ़ेगा घाटी का पारा

    सेना इस बार यह मानकर चल रही है कि गर्मियों घाटी का पारा और गर्म होने वाला है। एलओसी की तरफ से घुसपैठ की कोशिशों में तेजी आएगी तो वहीं आतंकी घटनाओं, जिसमें बैंक लूट और हथियार छीनना भी शामिल है, इनमें भी तेजी आएगी। पिछले दिनों आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्‍तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि पाकिस्‍तान के खिलाफ कार्रवाई के कई सारे विकल्प मौजूद है जिनमें सर्जिकल स्ट्राइक भी शामिल है। भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बहाली की दिशा में किए गए 2003 के समझौतों का हवाला देते हुए जनरल रावत ने कहा कि जितनी जल्दी पाकिस्तान की तरफ से भारत में आतंकियों को भेजना बंद किया जाएगा वे नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का आदेश दे देंगे।

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    English summary
    India and Pakistan both were agreed to a ceasefire on the LoC in November 2003. From past few days tension between India and Pakistan is mounting on the Line of Control (LoC) and firing is continuous going on.

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