पुंछ-राजौरी में आतंकी हमले के बाद एक्शन में भारतीय सेना, नॉर्दर्न कमांड को दिया सख्त निर्देश
राजौरी और पुंछ में भारतीय सेना के जवानों की शहादत के बाद सेना मुख्यालय ने नॉर्दर्न कमांड को सख्त निर्देश दिया है कि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान SOP को लेकर कानून बनाया है, उसका पालन किया जाए।

जिस तरह से राजौरी-पुंछ में पिछले दो महीनों में 10 जवानों की मौत हुई है उसके बाद सेना के मुख्यालय की ओर से नॉर्दर्न आर्मी कमांडर और 16 कॉर्प्स कमांडर को कहा है कि वह आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया पर खास तौर पर ध्यान दें।
जवानों की जान को बचाने के लिए सेना की ओर से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान एसओपी को लेकर कानून बनाया गया है, जिसका सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।
भारतीय सेना ने सुरक्षा एजेंसियों और जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर पीर पंजाल क्षेत्र से पाकिस्तानी आतंकियों को पूरी तरह से साफ करने के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र चला रही है।
खास तौर पर जिस तरह से 10 अप्रैल को सेना की गाड़ी पर पुंछ में भट्टा धुरियन में हमला किया गया और 5 मई को राजौरी सेक्टर में केसारी हिल्स पर हमला किया गया, उसके बाद सेना इस ऑपरेशन को और तेजी से आगे बढ़ा रही है। अहम बात यह है कि श्रीनगर में जी20 की बैठक का 22 से 24 मई के बीच आयोजन किया गया था।
भारतीय सेना ने दोनों ही ऑपरेशन में 5-5 जवानों को खो दिया था। जिन जवानों की मौत हुई थी उसमे से 4 एलीट पैराट्रूपर बटालियन के थे। इन दो घटनाओं के बाद नॉर्दर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजौरी-पुंछ सेक्टर का कई दौरा कर चुके हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पुंछ-राजौरी सेक्टर में 5 मई की घटना के बाद यहां की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया था। राजनाथ सिंह ने यहां जवानों का हौसला बढ़ाया था। आतंक विरोधी कार्रवाई के दौरान आतंकवाद से प्रभावित जिलों में सेना के मुख्यालय ने एसओपी को लेकर नया नियम लागू किया है ताकि आगे जवानों की शहादत ना हो।
16कॉर्प्स कमांडर और 25डिवीजन कमांडर की ओर से कहा गया है कि राजौरी पुंछ सेक्टर में इस एसओपी को कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। दोनों हमलों के बाद इसका विश्लेषण किया गया जिसमे यह बात सामने आई है कि आतंकियों को बेहतर जवाब दिया जा सकता था और जवानों की जान को बचाया जा सकता था।
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गौर करने वाली बात है कि पुंछ और राजौरी में पाक आतंकी संगठन लश्कर के ही संगठन की ओर से किया गया था। ड्रोन के जरिए पुंछ में हथियार गिराए गए थे। लश्कर के आतंकी हबीबुल्ला मलिक ऊर्फ साजिद जट ने ही यहां हथियार गिराए थे।
जट गृह मंत्रालय द्वारा यूएपीए द्वारा घोषित आतंकी है। जट की शादी कश्मीरी मुस्लिम से हुई है। जट की पत्नी अब पाकिस्तान में रहती है लेकिन उनका बेटा घाटी में ही रहता है।












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