जलियांवाला बाग मेमोरियल पर दंडवत हुए कैंटरबरी के आर्कबिशप, बोले- मैं शर्मिंदा हूं
नई दिल्ली। पंजाब के अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक का दौरा करने के लिए जब ब्रिटेन के कैंटरबरी के आर्कबिशप पहुंचे तो वह यहां की कहानी सुनकर हैरान हो गए। उन्होंने इस त्रासदी पर शोक जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें यहां पर आकर अपराध बोध हो रहा है और मैं शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं। आर्कबिशक जस्टिन वेल्बी ने यहां पर एक विशाल सभा के दौरान प्रार्थना भी पढ़ी। इस दौरान उन्होंने यहां पर हुई बर्बरता के लिए माफी मांगी।

आर्कबिशप ने कहा कि आपको याद है कि उन्होंने क्या किया और इनकी याद हमेशा यहां रहेगी। यहां जो बर्बरता हुई उसके लिए मुझे शर्मिंदा हूं और इसके लिए खेद प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि धार्मिक नेता के तौर पर यहां हुए अत्याचार के लिए मैं दुख व्यक्त करता हूं। मंगलवार को आर्कबिशप ने ट्वीट करके लिखा कि 100 साल पहले जलियावाला बाग हत्याकांड हुआ। बतौर ब्रिटिश नागरिक हम इस शर्मनाक उपनिवेशिक विरासत को नहीं भुला सकते हैं।
आर्कबिशप ने ट्वीट करके कहा कि मैं इस दुख, नुकसान और क्रोध को आज भी सह रहे लोगों के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। बता दें कि मंगलवार को आर्कबिशप अपनी पत्नी कैरोलीन के साथ यहां पहुंचे थे। उन्होंने क हा कि मैं धर्मगुरु हूं राजनीतिज्ञ नहीं। मैं इस घटना को एक त्रासदी मानता हूं और इसपर दुख जाहिर करता हूं। मैं ब्रिटिश लोगों की गोलियों से मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर करता हूं। बता दें कि 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश सेना ने जनरल डायर के आदेश पर मशीन गन से निहत्थे लोगों को गोलियों से भून दिया था। इसमे तकरीबन 1200 लोगों की मौत हो गई थी और 3600 लोग घायल हुए थे।












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