Anti Narcotics Day: तरकीबों से बुझने लगी तंबाकू की तलब

उत्तर प्रदेश की ताकतवर गुटखा लॉबी ने सरकारी आदेशों की जबर्दस्त काट निकाली। गुटखे की बिक्री पर उच्चतम न्यायालय की रोक के बाद प्रदेश में इसके कारोबार में लगी कंपनियों ने बाजार में सादे पान मसाले के पाउच उतार दिए। (Pic-Photos.thenews)
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बाजार में उतारे गए सादे पान मसाले के पाउच भी इसी ब्रांड नाम से उतारे गए, जिस नाम ये मशहूर कंपनियां गुटखा बनाती थीं। गुटखे पर लगी रोक के बाद ज्यादातर कंपनियां सादे पान मसाले के कारोबार में तो उतरी ही, साथ ही इन्होंने अपने ब्रांड के नाम से बाजार में तंबाकू के पाउच भी उता दिए।
गुटखा बिक्री पर लगी रोक से हुआ मुनाफा-
गुटखे पर रोक को लेकर आवाज बुलंद करने वाले कानपुर से राष्ट्रीय पान किसान संघ के महासचिव छोटे लाल चौरसिया बताते हैं गुटखे रोक से कोई खास सामाजिक फायदा नहीं हुआ है। उनका कहना है कि गुटखे के कारोबारी बदस्तूर अपने धंधे में लगे हैं।
रोक से पान किसानों की सेहत पर न तो कोई असर हो रहा है न ही इसके सेवन से होने वाले नुकसान कम हो रहे हैं, इसी के साथ पता चला है कि व्यापारियों को अब पानमसाले के साथ तंबाकूं की भी अनिवार्य बिक्री का लाभ मिलने लगा है।












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