वाजिद खान की पत्नी के सपोर्ट में उतरीं कंगना ने PMO से किया सवाल-'मेरी दोस्त की विधवा को कैसे सुरक्षित रखें?'

मुंबई। दिवंगत संगीतकार वाजिद खान की पत्नी कमलरुख ने सोशल मीडिया के जरिए अपने ससुराल वालों पर आरोप लगाया है कि वो लोग उन पर धर्म परिवर्तन करने का दवाब बना रहे हैं, वो इस वक्त गहरे मानसिक कष्ट से गुजर रही हैं। कमलरुख की पोस्ट वायरल होने के बाद फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने उनका समर्थन करते हुए PMO से सवाल किया है।

कंगना का सवाल-मेरी दोस्त की विधवा को कैसे सुरक्षित रखें

Recommended Video

    Wajid Khan की Wife Kamalrukh का सनसनीखेज खुलासा, ससुरालवालों पर लगाए गंभीर आरोप | वनइंडिया हिंदी

    उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है- 'पारसी इस देश में वास्तविक अल्पसंख्यक हैं, वे इस देश पर कब्जा करने नहीं आए थे, उनकी छोटी आबादी ने इस राष्ट्र की सुंदरता-वृद्धि और अर्थव्यवस्था के मामले में बहुत योगदान दिया है, इस आबादी ने भारत माता से बड़े प्यार से प्यार और सहयोग मांगा था, मेरे दोस्त की विधवा हैं जिन्हें उनके परिवार द्वारा परेशान किया जा रहा है।'

    कंगना का सवाल-मेरी दोस्त की विधवा को कैसे सुरक्षित रखें

    उन्होंने आगे लिखा कि मेरा एक सवाल पीएम मोदी से है कि 'जो अल्पसंख्यक ड्रामा नहीं करते, दंगे नहीं करते, किसी का सिर नहीं काटते, धर्म परिवर्तन कराने का दबाव नहीं बनाते, उन्हें हम कैसे सुरक्षित रखें'। इसके बाद उन्होंने लिखा कि एक मां के उस बच्चे को सबसे ज्यादा महत्व मिलता है, जो कि चिल्लाता है, लड़ता है लेकिन वहीं दूसरा वो बच्चा जो कुछ नहीं कहता, उसका क्या? सोचने वाली बात है. #anticonversionbill.'

    कमलरूख ने सोशल मीडिया पर बयां किया अपना दर्द

    मालूम हो कि कमलरूख का कहना है कि वाजिद के निधन के बाद से उनका परिवार लगातार उनसे धर्म परिवर्तन की बात कर रहा है, उनका और वाजिद खान का प्रेम विवाह था, वो दोनों कॉलेज टाइम से साथ थे, कमलरूख पारसी हैं और वाजिद खान मुस्लिम थे, दोनों की शादी में वाजिद के परिवार की रजामंदी नहीं थी लेकिन फिर भी उन्हें वाजिद की वजह से हां करनी पड़ी।

    स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुई शादी

    दोनों की शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के अंतर्गत हुई थी, वाजिद के परिवार वालों ने उन्हें कभी भी मन से अपनाया नहीं, उन्हें धर्म के आधार पर हमेशा से भेदभाव झेलना पड़ा लेकिन वाजिद के प्यार, केयर और सपोर्ट की वजह से उन पर ये चीजें हावी नहीं हुईं लेकिन अब वाजिद के निधन के बाद उनका पूरा परिवार मुझ पर दवाब बना रहा है, मुझे इस्लाम अपनाने के लिए बोल रहा है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+