भीमा कोरेगांव मामले की सुनवाई से एक और SC के जज ने खुद को अलग किया

नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव मामले की सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के एक और जज जस्टिस एस रवींद्र भट्ट ने अपना नाम वापस ले लिया है। इस मामले में सिविल राइट एक्टिविस्ट गौतम नवलखा ने याचिका दायर की थी, उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमे कोर्ट ने उनके खिलाफ दायर एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया था। जस्टिस भट्ट पांचवे जज हैं जिन्होंने जिन्होंने अपने नाम को इस केस की सुनवाई से अलग किया है।

sc

बता दें कि इस याचिका पर सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी। नवलखा की याचिका पर सुनवाई गुरुवार को कोर्ट के सामने आई, जिसमे जस्टिस अरुन मिश्रा, विनीत सरन और रवींद्र भट्ट शामिल थे। 30 सितंबर को चीफ जस्टिस ने इस मामले को एक ऐसे बेंच को देने के लिए कहा था जिसमे वह खुद नहीं होंगे। इसके एक दिन बाद 1 अक्टूबर तीन जजों की बेंच जस्टिस एनवी रमना, आर सुभाष रेड्डी और बीआर गवाई ने इस केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

13 सितंबर को हाई कोर्ट ने नवलखा के खिलाफ दायर एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया था। नवलखा के खिलाफ 2017 में भीमा-कोरेगांव हिंसा के मामले में कथित माओवादी लिंक के चलते एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया इस मामले में सबूत होने का भी दावा किया गया था। हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हमे लगता है कि इस मामले की पुख्ता जांज होनी चाहिए। बता दें कि नवलखा और अन्य के खिलाफ एफआईआर पुणे पुलिस ने जनवरी 2018 में दर्ज की थी। पुलिस ने आरोप लगाया था कि नवलखा और अन्य आरोपियों का इस केस में माओवादियों से लिंक था और वह सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश में जुटे थे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+